पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने श

पश्चिम बंगाल में शहरी भूमि सीमा कानून हटाना होगा: वित्त मंत्री, संगठित रियल एस्टेट को बढ़ावा देने पर जोर

West Bengal Must Remove Urban Land Ceiling Law: Finance Minister

कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। कोलकाता में शुक्रवार को 24वें CREDAI NATCON को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने दशकों पुराने शहरी भूमि सीमा कानून को हटाने के राज्य सरकार के इरादे को दोहराया। उन्होंने इसे विकास में बाधा बताया और संगठित रियल एस्टेट डेवलपर्स की अधिक भागीदारी की जरूरत बताई। दासगुप्ता ने कहा कि 1970 के दशक के कुछ कानून अब भी विकास में रुकावट हैं, जबकि देश के बाकी हिस्सों में उन्हें खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "इनमें से एक है शहरी ज़मीन की सीमा तय करने वाला कानून। यह विकास में बाधा और रुकावट है। इसे हटाना होगा।"

ग्रामीण भूमि मुद्दों को हल करने की जरूरत

वित्त मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कारखानों, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और टेक्नोलॉजी पार्कों के बढ़ने के साथ ग्रामीण इलाकों में जमीन से जुड़े मुद्दों को हल करना जरूरी होगा। उन्होंने इन मुद्दों को विकास में बाधा बताते हुए कहा कि इन्हें कुछ मानवीयता और उदारता के साथ दूर करने की जरूरत है।

दासगुप्ता ने कहा, "ये मूल रूप से विकास में बाधाएं हैं। शायद इन्हें कुछ मानवीयता और उदारता के साथ दूर करना होगा, लेकिन इन्हें हटाना ही होगा।" उन्होंने कहा कि हाउसिंग और शहरी बुनियादी ढांचे में वर्षों तक सीमित निवेश के बाद कोलकाता और पश्चिम बंगाल में पुनर्विकास और आधुनिकीकरण के बड़े अवसर हैं।

RERA के पूरी तरह लागू होने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में दासगुप्ता ने मजबूत नियमन और संगठित डेवलपर्स की अधिक भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र में संगठित व्यवस्था, जवाबदेही और कानून की जरूरत है।

उन्होंने कहा, "हमें एक संगठित व्यवस्था चाहिए, हमें जवाबदेही चाहिए, हमें कानून चाहिए। हमें यहां RERA को पूरी तरह से लागू करने की जरूरत है।" दासगुप्ता के मुताबिक, संगठित डेवलपर्स कोलकाता के पुराने हो रहे हाउसिंग स्टॉक के पुनर्विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

कारोबार के लिए शांति और कुशल प्रशासन जरूरी

दासगुप्ता ने कहा कि व्यवसायों को खास प्रोत्साहन के बजाय मुख्य रूप से "शांति, कानून-व्यवस्था" और "कुशल और निष्पक्ष प्रशासन" की जरूरत होती है। उन्होंने कोलकाता और पश्चिम बंगाल में हाउसिंग तथा शहरी बुनियादी ढांचे के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण के अवसरों पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि संगठित रियल एस्टेट क्षेत्र इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रियल एस्टेट में AI के बढ़ते इस्तेमाल पर CREDAI का जोर

CREDAI के चेयरमैन बोमन ईरानी ने कहा कि कोलकाता के लिए पुनर्विकास महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर भी जोर दिया। ईरानी ने कहा कि कस्टमर से बातचीत और बिल्डिंग डिजाइन में पहले से AI का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि जिस काम को करने में कंसल्टेंट्स को पहले साढ़े तीन से चार हफ्ते लगते थे, वह अब लगभग साढ़े तीन से चार घंटों में पूरा किया जा सकता है, जिसके बाद इंसानों द्वारा उसकी जांच की जाती है।

कोलकाता की रियल एस्टेट बिक्री में बढ़ोतरी का दावा

CREDAI के प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने कहा कि पिछले एक साल में कोलकाता के रियल एस्टेट मार्केट में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि साल की पहली छमाही में ही बिक्री पिछले साल की कुल बिक्री के लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। पटेल ने कहा, "इसलिए मुझे लगता है कि पिछले साल की तुलना में कोलकाता में रियल एस्टेट की बिक्री में 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी।"

मजबूत टाउनशिप पॉलिसी और TDR फ्रेमवर्क की मांग

CREDAI वेस्ट बंगाल के प्रेसिडेंट सुशील मोहता ने मजबूत टाउनशिप पॉलिसी और ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) फ्रेमवर्क की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने गुजरात और महाराष्ट्र में अपनाए गए उन मॉडल्स का जिक्र किया, जो बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन अधिग्रहण के बिना सैटेलाइट-टाउन के विकास में मदद करते हैं। (Source: ANI)

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