सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल सरकार ने सौंपी 8505 ग्रुप बी अधिकारियों की सूची
कोलकाता। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से एसआईआर के तहत वोटरों की सुनवाई बाबत चुनाव आयोग के सहयोग के लिए ग्रुप बी के 8505 अधिकारियों की सूची सौंपी गई है। सुप्रीम कोर्ट में 4 फरवरी को एसआईआर की वजह से वोटरों को होंने वाली परेशानी और उनके नाम काटे जाने के मामले पर सुनावाई हुई थी और उस दौरान चुनाव आयोग ने राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त संख्या में सरकारी अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराने की दलील दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को चुनाव आयोग को उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अधिकारियों की सूची देने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को है।
वोटर सुनवाई पूरी न होने से फाइनल वोटर लिस्ट में देरी की आशंका
जानकारों के अनुसार पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत वोटरों की सुनवाई को 7 फरवरी को पूरा कर लेना था। लेकिन अभी तक कोलकाता समेत कई जिलों में वोटरों की सुनवाई पूरी नहीं हो सकी है और मुख्य चुनाव अधिकारी ने और सात दिन बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग से अनुरोध किया है। बताया जाता है कि चुनाव आयोग मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुरोध को मंजूर सोमवार को मंजूर कर लेगा और वोटरों की सुनवाई के लिए और सात दिन का समय मिल सकता है। वोटरों की सुनवाई पूरी नहीं होने की स्थिति में 14 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट भी प्रकाशित होने में संदेह है और फाइनल वोटर लिस्ट के प्रकाशित होने की तारीख के बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
9 फरवरी की सुनवाई में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी संभव
टीएमसी सुत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 9 फरवरी को मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में मौजूद हो सकती हैं। वे 4 फरवरी को सुनवाई के दौरान उपस्थित थी और सुप्रीम कोर्ट की अमुमति प्राप्त कर अपने अधिवक्ता की मौजूदी में अपनी बात भी रखी थीं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक साधारण व्यक्ति के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के खिलाफ मामला याचिका दायर की थी।
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