मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद की धीमी रफ्तार से देश की कुल खरीद 16% तक घटी
भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद की धीमी गति के कारण देश में कुल खरीद (प्रोक्योरमेंट) पर असर पड़ा है। यह राज्य केंद्र सरकार के खाद्य भंडार (सेंट्रल पूल) में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है, जिसका उपयोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत अनाज वितरण के लिए किया जाता है।
रबी सीजन में आई कमी
चालू रबी विपणन सत्र 2026-27 के दौरान, पिछले वर्ष की तुलना में देशभर में कुल गेहूं खरीद में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण मध्य प्रदेश में खरीद की धीमी प्रगति है।
केंद्रीय मंत्री ने जताई चिंता
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने मध्य प्रदेश में खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को आ रही समस्याओं पर चिंता जताई है। मंगलवार को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की और अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा में गेहूं खरीद की समीक्षा की। इस क्षेत्र में विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिले शामिल हैं।
न हो खरीद में कोई कठिनाई
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि “स्लॉट बुकिंग, पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और सत्यापन (वेरिफिकेशन)” से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, ताकि किसानों को खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
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