जब नीतियां परिवार के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं तो.. बिना नाम लिए सीएम योगी का सपा पर हमला
Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवचयनित अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरिए किए. इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि इतना बड़ा राज्य, इतना संसाधनों से भरपूर राज्य, प्रकृति और परमात्मा की कृपा वाला राज्य, जिस राज्य में बार बार ईश्वर को भी किसी ना किसी रूप में अवतार लेकर आना पड़ा. ऐसा राज्य और बीमारू हो जाए, पहचान की संकट से गुजर जाए, पर्व और त्योहारों के समय जब उत्साह और उमंग का माहौल जब हर एक चेहरे पर देखना चाहिए. उस समय पर्व और त्योहार की आशंका उनकी जुबान को खामोश कर देती थी. लोगों के मन में एक भय तैरने लगता था कि पता नहीं कब क्या हो जाए. उस राज्य में 8 वर्षों के अंदर 8वीं अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाते हुए देश की नंबर 2 अर्थव्यवस्था बनाने में सफलता प्राप्त की.
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के अंदर सुरक्षा का जो एक बेहतरीन माहौल पैदा किया गया. दंगा मुक्त, गुंडागर्दी से मुक्त, माफिया मुक्त राज्य की अवधारणा ने उत्तर प्रदेश में बड़े बड़े निवेश को आमंत्रित किया और इसका सबसे ज्यादा लाभ किसी को प्राप्त हुआ है तो व्यावसायिक शिक्षा और उद्यमता कौशल से जुड़े छात्रों को हुआ है. आज से 8 वर्ष से पहले उत्तर प्रदेश के अंदर नए उद्योग तो दूर, जो परंपरागत क्लस्टर था वो भी बंदी के कगार पर थे. आज से 400 वर्ष पहले की बात करेंगे तो उत्तर प्रदेश सबसे समृद्ध राज्यों में था. व्यापक लूट खसोट और अराजकता के बावजूद यानि विदेशी आक्रांताओं के हमले भी हुए, अंग्रेजों ने भी लूटा. उस सब के बावजूद जब ये देश 1947 में स्वतंत्र हुआ था तब भी भारत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था उत्तर प्रदेश थी.
'भारत की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान..'
सीएम योगी ने कहा कि 1960 तक भी भारत की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 14 फीसदी था. 1960 के बाद से गिरावट आनी प्रारंभ हुई. 2016 आते आते उत्तर प्रदेश का जो कंट्रीब्यूशन था वो मात्र 8 फीसदी रह गया था. नंबर 1 से 8 तक पहुंचा दिया था. इन लोगों ने जब नीतियां स्वंय के स्वार्थ को ध्यान में रखकर के वोट बैंक की चिंता कर के और परिवार की हितों का संरक्षण करने के लिए जब बनाई जाती है तो दुर्गति की तरफ ऐसे ही जाती है.
सीएम योगी ने कहा कि अगर हम 400 साल पहले की बात करें तो उत्तर प्रदेश देश का सबसे समृद्ध राज्य था. व्यापक लूट, शोषण और अराजकता थी, विदेशी आक्रांताओं के हमले हुए अंग्रेजों ने भी लूटपाट की और इन सबके बावजूद, जब 1947 में देश को आजादी मिली तो भारत की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश नंबर एक था. 1960 के बाद इसमें गिरावट शुरू हुई और 2016 तक उत्तर प्रदेश का योगदान घटकर मात्र 8% रह गया, जब नीतियां स्वार्थ को ध्यान में रखकर, वोट बैंक की चिंता और परिवार के हितों के सरंक्षण के लिए बनाई जाती हैं तो वे दुर्गति की ओर ले जाती है जैसे ये लोग उत्तर प्रदेश को लेकर गए.
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