यहां के फैमिली कोर्ट में एक ऐसा मामला सामने आया है

पति की मेहनत से बनी अफसर, वर्दी मिलते ही दर्ज किया तालाक का केस

भोपाल। यहां के फैमिली कोर्ट में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पति-पत्नी के रिश्ते, सामाजिक सोच और सफलता के बाद बदलते व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों तक संघर्ष कर पत्नी को पढ़ाने-लिखाने वाला पति आज उसी पत्नी के द्वारा तलाक की अर्जी का सामना कर रहा है। पीड़ित पति ने अदालत में बताया कि वह पंडिताई सहित छोटे-मोटे काम कर किसी तरह घर चलाता था। सीमित आमदनी होने के बावजूद उसने अपनी पत्नी की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी। कोचिंग, किताबें, फॉर्म और रहने-खाने का पूरा खर्च उसने उठाया, ताकि पत्नी पुलिस विभाग में अफसर बन सके।

सब इस्पेक्टर बनते ही बदला व्यवहार

पति के अनुसार, जब पत्नी का चयन सब-इंस्पेक्टर पद पर हुआ, तो घर में खुशी का माहौल था। लेकिन कुछ ही समय बाद पत्नी का व्यवहार पूरी तरह बदलने लगा। पति का आरोप है कि अब पत्नी को उसके पहनावे, कामकाज और साधारण जीवनशैली से शर्म महसूस होने लगी। वह पति के साथ सार्वजनिक जगहों पर दिखने से कतराने लगी।

पत्नी ने कहा, सामाजिक हैसियत मेल नहीं खाती

अदालत में दी गई जानकारी के मुताबिक, पत्नी ने दलील दी कि पति की सामाजिक हैसियत और जीवनशैली उसके पद और सोच से मेल नहीं खाती। वहीं पति का कहना है कि उसने कभी पत्नी की तरक्की पर रोक नहीं लगाई, बल्कि हर कदम पर सहयोग किया, लेकिन सफलता मिलते ही उसे बोझ समझा जाने लगा।

सुलह की संभावना पर विचार

मामले की सुनवाई कर रही फैमिली कोर्ट ने दोनों पक्षों की बात सुनी है और सुलह की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। न्यायालय ने आगे की कार्रवाई के लिए अगली तारीख तय कर दी है। यह मामला केवल एक तलाक का नहीं, बल्कि उस मानसिकता का उदाहरण बनता जा रहा है, जहाँ रिश्तों से ज़्यादा पद, वर्दी और सामाजिक दिखावे को महत्व दिया जाने लगा है।

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