उमरिया के कसेरु गांव में तीन दिन से जंगली हाथी की दस्तक, फसलों को नुकसान
उमरिया (मध्य प्रदेश)। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर परिक्षेत्र अंतर्गत कसेरु गांव में पिछले तीन दिनों से एक जंगली हाथी की लगातार आवाजाही देखी जा रही है। जंगल से निकलकर गांव के आसपास पहुंच रहा हाथी खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। हाथी की लगातार मौजूदगी के चलते ग्रामीणों में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने हाथी को खेतों में देखा
ग्रामीणों के मुताबिक, टेढ़े दांत वाला यह हाथी पिछले कुछ दिनों से जंगल से निकलकर कसेरु गांव के आसपास के खेतों में पहुंच रहा है। रविवार रात भी हाथी खेतों में घुस गया और वहां खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने हाथी को खेतों में देखा तो इसकी सूचना वन विभाग की टीम को दी। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी।
गांव में प्रवेश से पहले जंगल की ओर किया जा रहा वापस
वन विभाग की टीम लगातार हाथी की निगरानी कर रही है। टीम की सक्रियता के कारण हाथी को गांव की आबादी की ओर बढ़ने से पहले ही जंगल की तरफ खदेड़ दिया जा रहा है। वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा रात के समय भी गश्त कर हाथी की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है, ताकि वह आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
हाथी की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात
परिक्षेत्र अधिकारी राहुल किरार ने बताया कि हाथी की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की गई है। इसके अलावा परिक्षेत्र स्तर पर वन कर्मचारी भी लगातार गश्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाथी खेतों तक पहुंच रहा है, लेकिन वन विभाग की टीम समय रहते उसकी गतिविधियों पर नजर रखकर उसे वापस जंगल की ओर भेज रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक हाथी द्वारा बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचाने की जानकारी सामने नहीं आई है। वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
वन विभाग के साथ ग्रामीण भी कर रहे सहयोग
हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीण भी वन अमले के साथ मिलकर हाथी को आबादी से दूर रखने में सहयोग कर रहे हैं। वन विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों और उसके आने-जाने वाले रास्तों पर नजर रख रही है।
लगातार तीन दिनों से हाथी की आवाजाही
लगातार तीन दिनों से हाथी की आवाजाही के कारण ग्रामीणों को अपनी फसलों और सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता हाथी को बिना नुकसान पहुंचाए जंगल की ओर बनाए रखना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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