'राज्य सरकार से बिना कोई सलाह लिए..', सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
Mamata Banerjee : बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा, मैंने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग हिल्स, तराई और डुआर्स क्षेत्रों में गोरखाओं से संबंधित मुद्दों के लिए भारत सरकार की ओर से एकतरफा रूप से वार्ताकार की नियुक्ति पर आश्चर्य व्यक्त किया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है.
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार का पक्ष है कि गोरखा समुदाय या जीटीए क्षेत्र से संबंधित कोई भी पहल राज्य सरकार के पूर्ण परामर्श से ही की जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र में कड़ी मेहनत से अर्जित शांति और सौहार्द बनाए रखा जा सके.
उन्होंने कहा, गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA) का गठन 18 जुलाई, 2011 को दार्जिलिंग में भारत सरकार, पश्चिम बंगाल सरकार और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) के बीच तत्कालीन माननीय केंद्रीय गृह मंत्री और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की उपस्थिति में हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय समझौते के बाद किया गया था.
'सकारात्मक प्रयास जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध'
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पहाड़ी जिलों में शांति और सद्भाव कायम है, जो 2011 में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार की ओर से किए गए निरंतर प्रयासों से संभव हो पाया है. उन्होंने कहा कि हम इस दिशा में अपने सकारात्मक प्रयास जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
उन्होंने कहा, जीटीए का गठन पहाड़ी क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शैक्षिक, सांस्कृतिक और भाषाई विकास को सुनिश्चित करने के लिए किया गया था. साथ ही गोरखाओं की जातीय पहचान की रक्षा और सभी समुदायों के बीच शांतिपूर्ण अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए किया गया था, जो पहाड़ियों की एकता और सद्भाव की पहचान है.
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/maoist-terror-was-covered-up-during-congress/94549