मऊ में सील किए निजी अस्पताल में इलाज का आरोप, महिला और बच्चे की मौत
मऊ: जिले के रतनपुरा प्रखंड में सील किये जा चुके एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को दोबारा सील कर दिया है। साथ ही संचालक के खिलाफ फिर प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। बता दें, निजी इंद्रजीत अस्पताल को नवंबर 2025 में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सील किया था ।
गर्भवती महिला के इलाज में लापरवाही का आरोप
यह घटना तब सामने आई जब बलिया जिले के तरगौली गांव के अजीत राजभर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई। राजभर ने आरोप लगाया कि उनकी गर्भवती पत्नी सरिता का आठ सितंबर को इंद्रजीत अस्पताल में इलाज किया गया था। शिकायत के अनुसार, एक गांव की आशा वर्कर ने राजभर को सरिता को अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। डॉक्टर हिमांशु यादव ने कथित तौर पर परिवार को बताया कि उसकी हालत गंभीर है और ऑपरेशन कराने की सलाह दी।
प्रसव के बाद नवजात की मौत
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रसव के बाद नवजात की मृत्यु हो गई और सरिता का रक्तस्राव जारी रहा। जब अस्पताल के कर्मचारियों ने कथित तौर पर उपचार जारी रखने से इनकार कर दिया, तो राजभर अपनी पत्नी को मऊ के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। वाराणसी के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर पंकज राय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर 2025 में इंद्रजीत अस्पताल को सील किया गया था। उस समय भी अस्पताल में मरीजों के साथ इलाज में लापरवाही की बात सामने आयी थी।
सील अस्पताल में पीछे के रास्ते से चल रहा था इलाज
राय ने बताया कि अस्पताल का मुख्य ताला तो लगा था, लेकिन पीछे से रास्ता खोलकर इसे चलाया जा रहा था। सीएमओ के मुताबिक मामले की जानकारी मिलने पर उप जिला अधिकारी से बात करके अधीक्षक की टीम ने नौ सितंबर 2026 को अस्पताल को दोबारा सील कर दिया। अस्पताल संचालक के खिलाफ थाने में शिकायत भी दी गई है और प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है।
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