उन्नाव में पति की हत्या कर शव को बॉक्स में बंद करके हाईवे किनारे फेंका
उन्नाव: उन्नाव से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जहां पत्नी ने अपने पति की सिलबट्टे से मारकर हत्या कर दी। एक नाबालिक समेत अपने तीन सहयोगियों के साथ शव बक्से में भरकर हाईवे के किनारे फेंक दिया। पुलिस ने 12 घंटे के अंदर घटना का खुलासा करते हुए बक्से समेत शव को बरामद कर लिया है। साथ ही आरोपी पत्नी और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
हाईवे किनारे बॉक्स में मिला शव
20 अक्टूबर को हाईवे किनारे संदिग्ध बॉक्स मिलने की सूचना पर कोतवाली सदर पुलिस पहुंची। बॉक्स खोलने पर अंदर चादर और कंबल में लिपटा खून से लथपथ पुरुष का शव मिला। एसएसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में एक छोटा हाथी लोडर गदनखेड़ा की ओर से बॉक्स लेकर आता दिखाई दिया। कुछ देर बाद वही वाहन बिना बॉक्स के कानपुर की तरफ जाता मिला। एनपीआर कैमरों की मदद से लोडर का नंबर यूपी 35 एटी 1938 पता चला। जांच में वाहन मालिक राजेश गुप्ता का नाम सामने आया। पुलिस के मुताबिक, शुक्लागंज के कंचन नगर की रहने वाली नेहा ने कमरा खाली करने और सामान शिफ्ट करने के लिए 1200 रुपये में लोडर तय किया था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने पूछताछ की तो हत्या का खुलासा हुआ। मृतक का नाम सोनू है और वह शुक्लागंज के कंचन नगर में अपनी पत्नी नेहा के साथ किराये के घर में रहता था।
घरेलू विवाद में पति की हत्या का आरोप
नेहा ने सोनू के साथ दूसरी शादी की थी, लगभग 23 साल पहले उसकी शादी किसी और से हुई थी. जिससे चार बच्चे हैं। लगभग 9 साल पहले नेहा ने सोनू से विवाह किया था। नेहा और सोनू के बीच अक्सर विवाद होता था। उन्होंने करीब नौ साल पहले कोर्ट मैरिज की थी। सोनू मजदूरी करता था और नशे का आदी था। नेहा अक्सर घर से बाहर रहती थी। दो दिन पहले भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। पुलिस की पूछताछ के मुताबिक, 19 और 20 अक्टूबर की रात नेहा ने पड़ोसी जितेंद्र के साथ मिलकर सोनू पर लोढ़ा-बट्टा से हमला किया। इसके बाद कंबल से उसका मुंह और नाक दबा दी। हत्या के बाद शव को कमरे में बंद कर दिया गया। फिर चादर और कंबल में लपेटकर लोहे के बड़े बॉक्स में रखा गया।
हाईवे किनारे शव फेंकने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि जितेंद्र ने लोडर की व्यवस्था की। तौहीद और एक नाबालिग की मदद से बॉक्स को शुक्लागंज के कंचन नगर से गदनखेड़ा की ओर ले जाया गया। 20 अक्टूबर की रात बॉक्स को हाईवे किनारे रखकर सभी वहां से चले गए। सोनू के भाई आशू की शिकायत पर कोतवाली सदर में मुकदमा अपराध संख्या 651/2026 के तहत बीएनएस की धारा 103(1) और 238 में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने नेहा रावत, जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल और तौहीद को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। तौहीद के पास से 4000 और नाबालिग के पास से 4200 रुपये बरामद हुए हैं। वहीं, घटना की मुख्य आरोपी नेहा ने बताया कि राहुल उर्फ जितेंद्र ने पहले सोनू के साथ बैठकर दारू पी, फिर लड़ाई झगड़ा हुआ। हमने 100 नंबर डायल करने की कोशिश की तो हमारे हाथ से मोबाइल छीन लिया। पति लड़ाई झगड़ा करता था, शराब पीता था, घर में लड़कियां लाता था। वहीं आरोपी राहुल उर्फ जितेंद्र फूट-फूट कर रोने लगा।
ये भी पढ़ें- इंडोनेशिया में बढ़ती महंगाई और जंगलों की आग पर छात्रों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति प्राबोवो की नीतियों का विरोध