यादवपुर में गरमाया सियासी माहौल, शुभेंदु अधिकारी ने साधु संतों के साथ निकाली गेरुआ सम्मान यात्रा
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल में यादवपुर विश्वविद्यालय के आसपास सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को दक्षिण कोलकाता में ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का नेतृत्व किया, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संत शामिल हुए। भाजपा के मुताबिक, इस यात्रा का उद्देश्य भगवा रंग की “गरिमा” बनाए रखने और उसे बदनाम करने की कोशिशों का विरोध करना है। यह यात्रा विश्वविद्यालय परिसर में वामपंथी छात्र संगठनों और एबीवीपी के बीच चल रही नारेबाजी और भित्तीचित्र विवाद के बीच निकाली गई।
जय श्रीराम के नारों के बीच गोलपार्क से निकली यात्रा
जय श्रीराम के नारे लगाते हुए बड़ी संख्या में साधु-संतों ने ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ में हिस्सा लिया, जिसकी शुरुआत गोलपार्क से हुई।केसरिया रंग का कुर्ता पहने और भगवा झंडा थामे शुभेंदु ने राजा सुबोध चंद्र मलिक रोड के दक्षिणी हिस्से की ओर यात्रा का नेतृत्व किया। तीन किलोमीटर लंबी इस यात्रा का यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर के बाहर 8बी बस स्टैंड पर समापन होगा।
भगवा रंग की गरिमा बचाने का भाजपा ने बताया उद्देश्य
भाजपा के एक नेता ने कहा कि यह यात्रा “भगवा रंग की गरिमा की रक्षा” करने और इसे “बदनाम करने की कोशिशों” का विरोध करने के लिए निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मकसद भगवा रंग से जुड़े मूल्यों, आदर्शों और गरिमा के बारे में जागरूकता फैलाना है।
वामपंथी संगठनों और एबीवीपी के विवाद के बीच यात्रा
यह यात्रा यादवपुर विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठनों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में भित्तीचित्र बनाने की होड़ और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी के बीच निकाली जा रही है। कुछ दिन पहले परिसर में दोनों पक्षों के बीच झड़पें भी हुई थीं।
वंदे मातरम कार्यक्रम के बाद फिर यादवपुर पहुंचे शुभेंदु
गेरुआ सम्मान यात्रा शुभेंदु के यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर के बाहर एक कार्यक्रम में शामिल होने के दो हफ्ते से भी कम समय बाद आयोजित की जा रही है, जिसमें लगभग 10,000 लोगों ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया था।
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