अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले बाबा रामदेव ने योग

बाबा रामदेव ने पीएम मोदी और चंद्रबाबू नायडू को बताया 'कर्म योगी', कहा- योग से एकजुट होगी दुनिया

बाबा रामदेव, योग गुरु

विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश): योग गुरु बाबा रामदेव ने योग को स्वास्थ्य, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का ज़रिया बताया। उन्होंने कहा कि समाज, देश और दुनिया को एकजुट करने की क्षमता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले बाबा रामदेव ने कहा कि योग को जीवन शैली के रूप में अपनाना चाहिए।

मरीज़ों के लिए एक थेरेपी है योग

उन्होंने कहा कि ''योग मरीज़ों के लिए एक थेरेपी है, योगियों के लिए अभ्यास का मार्ग है और सभी के लिए जीवन जीने का एक तरीका है। आइए, योग के जरिए समाज, देश और दुनिया को एकजुट करें। योग ही एकमात्र उपाय है।''

2047 से पहले एक विकसित राष्ट्र बन सकता है भारत

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का भी ज़िक्र किया और उन्हें 'कर्म योगी' बताया। उन्होंने कहा, ''पीएम मोदी और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू जैसे नेता 'योगी' हैं, 'कर्म योगी' हैं। अगर सभी मुख्यमंत्री इसी भावना से काम करें, तो भारत 2047 से पहले एक विकसित राष्ट्र बन सकता है।''

योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए देश भर में कार्यक्रम

देश भर में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर जगह कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नई दिल्ली में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद ने 'रन फ़ॉर योग' और ज़ुम्बा सत्र का आयोजन किया, जहां योग के निरंतर अभ्यास की जरूरत पर ज़ोर दिया गया। योग को सिर्फ़ एक दिन तक सीमित न करके साल भर इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने की बात कही गई।

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग लाभकारी- ब्रजेश पाठक

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी लखनऊ में योग शिविर में भाग लेकर लोगों से आग्रह किया कि वे योग को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अपनाएं, क्योंकि यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।

2026 में योग का विषय है- 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग'

21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य सभी उम्र के लोगों को सक्रिय, स्वतंत्र और व्यस्त बनाए रखना है। इस वर्ष का विषय है- 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग'। जो दर्शाता है कि योग जीवन के हर पड़ाव में हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करता है।

योग को सिर्फ एक दिन का उत्सव न समझें

इसलिए, हम सभी योग को सिर्फ एक दिन का उत्सव न समझें, बल्कि इसे अपनी जीवनशैली बनाएं। योग के माध्यम से हम न केवल अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि एकजुट होकर एक स्वस्थ, मजबूत और सामंजस्यपूर्ण समाज का निर्माण कर सकते हैं।

समाज, देश और दुनिया को एक नई दिशा दे सकता है योग

योग से जुड़े इस संदेश को अपनाकर हम अपने समाज, देश और दुनिया को एक नई दिशा दे सकते हैं। योग ही वह सूत्र है जो हमें जोड़ता है, स्वस्थ रखता है और जीवन को सार्थक बनाता है।

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