मेरठ में योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर वंशवाद और जात

योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला, बोले- 'वंशवाद और जातिवाद ने राजनीति को कमजोर किया'

Yogi Adityanath addresses BJP workers in Meerut

मेरठ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में भाजपा के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर वंशवादी राजनीति और जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री का यह हमला 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सामने आया है, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरी जीत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।

'राजनीति को निजी हित का साधन बनाया'

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लंबे समय तक राजनीति वंशवाद और जातिवाद जैसी बुराइयों से प्रभावित रही। उनके मुताबिक, कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगियों ने राजनीति को जनसेवा के बजाय वंशवादी हितों और निजी लाभ का माध्यम बना दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "राजनीति जनसेवा का माध्यम बनने के बजाय वंशवादी शासन को बनाए रखने और अपने निहित स्वार्थों को आगे बढ़ाने का साधन बन गई।" उन्होंने भाजपा की राजनीतिक सोच को इससे अलग बताते हुए 'राष्ट्र प्रथम' का सिद्धांत सामने रखा। योगी ने कहा कि भाजपा के लिए राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का जरिया है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं के लिए प्राथमिकता का क्रम भी बताया- संगठन से ऊपर स्वयं, समाज से ऊपर संगठन और राष्ट्र से ऊपर समाज।

'शक्ति केंद्र' की भूमिका पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'शक्ति केंद्र' नाम ही उसके काम को परिभाषित करता है। भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में शक्ति केंद्र संयोजक संगठन और चुनावों की पूरी ताकत का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने सम्मेलन को कार्यकर्ताओं की शक्ति जगाने और उसे 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ पार्टी के लिए दिशा देने का माध्यम बताया। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना है।

सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय पदाधिकारी और क्षेत्रीय नेता मौजूद रहे। नितिन नबीन पश्चिमी क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

'मुझे क्या' वाली सोच पर निशाना

योगी आदित्यनाथ ने स्वार्थी मानसिकता पर भी हमला बोला। उन्होंने 'मुझे क्या' यानी 'इससे मुझे क्या मिलेगा' वाली सोच को 'मंथरा-बुद्धि' करार दिया।

उन्होंने कहा, "जो लोग कहते हैं- 'मुझे क्या', उनमें मंथरा-बुद्धि होती है। यानी कोई कुछ भी करे, मुझे क्या मिलेगा? इससे मुझे क्या लेना-देना?"

मुख्यमंत्री के अनुसार, यह सोच केवल व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती है। इससे पहचान का संकट पैदा होता है, लोग अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटते हैं और विकास की गति बाधित होती है।

2014 के बाद 'नए भारत' का दावा

योगी ने कहा कि इस मानसिकता ने देश को कमजोर किया और पहचान का संकट पैदा किया। उनके मुताबिक, 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद बदलाव दिखाई दिया।

उन्होंने कहा, "हमने एक नया भारत देखा- ऐसा भारत, जिसे अपनी विरासत पर गर्व है और जो विकास की अपनी गति खुद तय करता है।"

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भारत अब पहचान के संकट से बाहर निकल चुका है, आत्मविश्वास के साथ दुनिया का सामना करता है और अपनी सुरक्षा तथा संप्रभुता की रक्षा करना भी जानता है।

उन्होंने वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण को ऐसे कार्यों के उदाहरण के रूप में पेश किया, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था।

धार्मिक और क्षेत्रीय विकास योजनाओं का उल्लेख

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मथुरा-वृंदावन में विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने शुकतीर्थ के पुनरुद्धार और भागवत भूमि के विकास का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि विदुर कोटि के लिए भी धनराशि आवंटित की गई है। इन उदाहरणों के जरिये मुख्यमंत्री ने सरकार की विरासत, धार्मिक स्थलों और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।

'2017 के बाद बदली यूपी की पहचान'

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की पहचान में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्यों में गिना जाता था और युवाओं को रोजगार नहीं मिलता था।

उन्होंने दावा किया कि अब कोई उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य नहीं कह सकता। बड़े आर्थिक राज्यों की चर्चा होने पर उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।

योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि राज्य में साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' यानी ओडीओपी के तहत पारंपरिक उद्यमों को पुनर्जीवित किया गया है।

उनके मुताबिक, इससे 3.25 करोड़ युवाओं को रोजगार मिला है। मेरठ के उत्पादों, आगरा के पेठे और मुजफ्फरनगर के गुड़ को राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग दी गई है।

एक्सप्रेसवे और औद्योगिक परियोजनाओं का जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान ‘कट्टा और तमंचा' से जुड़ी थी। अब राज्य में 12-लेन एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ के बीच नमो भारत रैपिड रेल जैसी परियोजनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग एक घंटे की दूरी पर है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर उत्तर प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर इकाइयां विकसित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भारत में बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का 60 प्रतिशत और मोबाइल फोन का 55 प्रतिशत उत्पादन अब उत्तर प्रदेश में हो रहा है।

कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब दंगा और कर्फ्यू-मुक्त हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

योगी ने आरोप लगाया कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले और माफिया को संरक्षण देने वाले लोग इस बदलाव से खुश नहीं हैं। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को जाति के आधार पर समाज को बांटने की कोशिशों से सावधान रहने को कहा।

'महापुरुष किसी एक जाति के नहीं'

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुष किसी एक जाति तक सीमित नहीं होते। वे पूरे समाज और राष्ट्र के होते हैं।

उन्होंने कहा, "महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज हमारे राष्ट्रीय नायक हैं। उन्हें जाति के खांचों में बांधा नहीं जा सकता।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को सम्मान दिया है। यह बयान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक और सामाजिक प्रतीकों के राजनीतिक महत्व के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।

कार्यकर्ताओं से 'सारथी' बनने की अपील

योगी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से महाभारत के भगवान कृष्ण की तरह 'सारथी' बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि इतिहास ने शकुनि और मंथरा का सम्मान नहीं किया, बल्कि कृष्ण जैसे सारथी को युगों तक सम्मान दिया है।

उन्होंने कहा, "हर कार्यकर्ता को इस भावना के साथ काम करना चाहिए कि मेरा काम राष्ट्र प्रथम के लिए है।"

मुख्यमंत्री का यह संदेश भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और चुनावी तैयारी, दोनों से जुड़ा हुआ है। मेरठ का सम्मेलन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

2027 चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश

योगी आदित्यनाथ का कांग्रेस और विपक्षी दलों पर यह हमला 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आया है। भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए राज्य में लगातार तीसरी जीत हासिल करने की तैयारी कर रहा है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने एक ओर विपक्ष पर वंशवाद, जातिवाद, तुष्टीकरण और माफिया संरक्षण के आरोप लगाए। दूसरी ओर, उन्होंने भाजपा सरकार की पहचान विकास, कानून-व्यवस्था, विरासत और राष्ट्रवाद से जोड़ने की कोशिश की। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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