गोरखपुर में नागपंचमी पर कुश्ती प्रतियोगिता का समापन, सीएम योगी ने खिलाड़ियों को किया पुरस्कृत
गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)। गोरखपुर में स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में सोमवार को नागपंचमी के अवसर पर खेल विभाग और जिला कुश्ती संघ द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता का समापन हुआ। प्रतियोगिता के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
खेल संस्कृति में हुआ व्यापक परिवर्तन
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में हम सबने बदलते हुए भारत को देखा है। यहां खेल संस्कृति के क्षेत्र में भी व्यापक परिवर्तन हुआ है। खेल के लिए खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद व विधायक खेलकूद प्रतियोगिता और ग्रामीण लीग के माध्यम से नई-नई प्रतियोगिताएं आगे बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि अभी कॉमनवेल्थ खेलों में आपने देखा होगा कि भारत के खिलाड़ियों का जोश हाई था। भारत के खिलाड़ी चौथे स्थान पर रहे, देश के लिए मेडल जीते। उत्तर प्रदेश के भी 9 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। उनमें से तीन खिलाड़ियों ने मेडल प्राप्त किए हैं। एक गोल्ड मेडल, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल यूपी से जुड़े हुए खिलाड़ियों ने देश के लिए प्राप्त किए हैं।
शीघ्र ही 500 और खिलाड़ियों को देंगे सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खेल नीति लाकर यह व्यवस्था बनाई है कि जो भी खिलाड़ी देश के लिए मेडल जीतेगा, हम उसको सीधे सरकारी नौकरी देंगे। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को नौकरी दे चुके हैं। खेल विभाग में सहायक निदेशक से लेकर यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी तक का पद खिलाड़ियों को दिया गया है। बहुत शीघ्र, अगले एक महीने के अंदर फिर से 500 पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस और अन्य विभागों में नौकरी दी जाएगी।
माफिया प्रवृत्ति युवा शक्ति की बड़ी दुश्मन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के जो खिलाड़ी ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतते हैं उनको 6 करोड़, सिल्वर मेडल जीतने वाले को 4 करोड़ और ब्रॉन्ज मेडल विजेता को 2 करोड़ रुपये यूपी सरकार की तरफ से दिए जाते हैं। ओलंपिक में प्रतिभाग करने पर 10 लाख और कॉमनवेल्थ व एशियाड में 5-5 लाख की सहायता दी जाती है। नेशनल गेम्स के लिए भी उन्हें फैसिलिटेट करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों के एजेंडे में खेल और युवाओं के लिए कोई जगह नहीं थी। आज जो लोग युवा-युवा कहकर चिल्ला रहे हैं, वास्तव में उनके एजेंडे में युवा कभी था ही नहीं। यह केवल युवाओं का दुरुपयोग करना चाहते हैं। जब इनको सत्ता में रहने का अवसर मिला तो उन्होंने युवाओं के हितों के लिए कुछ भी नहीं किया। तब उन्होंने सबकुछ माफिया की गिरफ्त में डाल दिया था।
सीएम योगी ने कहा कि माफिया प्रवृत्ति, युवा शक्ति की सबसे बड़ी दुश्मन है। शिक्षा माफिया हो, पेशेवर माफिया, खेल माफिया, ड्रग माफिया हो या किसी भी फील्ड का माफिया। यदि माफिया प्रवृत्ति बढ़ेगी तो सबसे ज्यादा क्षति युवा शक्ति की होगी। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को बचाने के लिए आवश्यक है कि डबल इंजन सरकार द्वारा बढ़ाई गई खेल संस्कृति को सकारात्मक सोच के साथ सार्थकता प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि युवा के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाला कोई भी माफिया, चाहे वह नकल माफिया हो, शिक्षा माफिया या किसी भी फील्ड का माफिया, अगर उसने किसी युवा के जीवन के साथ खिलवाड़ किया तो उसकी पूरी प्रॉपर्टी को जब्त करते हुए हम उसके खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।
निजी एकेडमी और अखाड़ों को मिलेगी मदद
सीएम योगी ने कहा कि निजी एकेडमी कोई चलाएगा तो सरकार उसको सहायता प्रदान करेगी क्योंकि वह युवाओं को तराशने का काम कर रहा है। हमारे पहलवान, पुराने उस्ताद अपने अखाड़े चलाते थे, उनका भी रजिस्ट्रेशन हो। उनके लिए अखाड़ों का निर्माण हो, उनके लिए मैटिंग पर और अन्य सहायता दी जाएगी। कोचेज के लिए, मैनेजर के लिए, सहायता प्राप्त हो, इसकी व्यवस्था बनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स के जिस भी क्षेत्र में निजी क्षेत्र सहयोग करेगा, राज्य सरकार की खेल नीति उसमें सहयोग करने की है, हम उसको पूरा सहयोग करेंगे। सीएम योगी ने गाजीपुर की खेल संस्कृति की चर्चा करते हुए कहा कि ओलंपिक में देश के लिए मेडल प्राप्त करने वाले दो खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल गाजीपुर के ही एक निजी स्टेडियम से पनपे हैं, आगे बढ़े हैं।
ड्रग और स्मार्टफोन, दोनों के नशे से दूर रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि याद रखना चाहिए, खेल और खेलकूद की गतिविधियों से जितना हमारा युवा जुड़ेगा, उतना ही नशा से दूर रहेगा। दो प्रकार का नशा वर्तमान में पूरी युवा पीढ़ी के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है। एक नशा वह है जो ड्रग आदि नशीले पदार्थों के कारण पैदा हुआ है। नशा माफिया युवा पीढ़ी को निगल करके भारत को खोखला बनाना चाहता है। हमें उसके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार होना पड़ेगा।
हर एक जागरूक नागरिक को, हर राष्ट्रभक्त को इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयारी करनी चाहिए। और, दूसरा स्मार्टफोन का नशा। जितना समय आप स्मार्टफोन पर खर्च करते हैं, उसमें से 90 फीसदी फिजूल का है। 10 फीसदी ही मात्र आपके उपयोग का है, बाकी आपके उपयोग के लिए भी नहीं है। अगर उसमें से 5-6 घंटे आप बचत कर सकें, उसमें से केवल एक घंटा अपने शरीर के लिए दे सकें, तो स्वस्थ हो जाएंगे।
शरीर स्वस्थ होगा तो मस्तिष्क स्वस्थ होगा। मस्तिष्क स्वस्थ होगा तो भारत को सशक्त और समर्थ बनाने में आप अपना बेहतरीन योगदान दे पाएंगे। मानसिक तनाव से बचे रहेंगे। किसी भी प्रकार की चुनौती से अपने आप को मुकाबला करने के लिए तैयार पाएंगे।
बहुत शीघ्र युवा नीति लाने वाली है यूपी सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार बहुत शीघ्र अपनी नई 'युवा नीति' लेकर आ रही है। युवा नीति में हम युवाओं के लिए ढेर सारे आयोजन करने जा रहे हैं। ढेर सारे प्रोग्राम को आगे बढ़ाने जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 'अभ्युदय कोचिंग' को हर कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने सुनिश्चित किया है, हर जिले में एक एम्प्लॉयमेंट जोन बनें। एम्प्लॉयमेंट जोन का मतलब है कि एक छत के नीचे नौजवान की स्किलिंग भी होगी और उसको एम्प्लॉयमेंट भी मिलेगा।
सीएम योगी ने दी नागपंचमी की बधाई, बताया आध्यात्मिक महत्व
मुख्यमंत्री ने सभी को नागपंचमी और सावन माह के तीसरे सोमवार की बधाई देते हुए कहा कि प्राचीन काल में हमारे यहां शक्ति को तौलने का माध्यम हॉर्स पावर था। ऐसे ही आध्यात्मिक शक्ति को तौलने और जानने का माध्यम सर्पेंट पावर है। उन्होंने कहा कि हर मनुष्य के अंदर एक शक्ति है और उस शक्ति में संतुलन बनाने का काम जो नाड़ी करती है, वह सुषुम्ना नाड़ी है। आध्यात्मिक जगत में शक्ति की जिस आधारशिला को हमारे ऋषि-मुनियों ने देखा है, वह ताकत लौकिक जगत में हम नाग पंचमी के रूप में नाग देवता की उपासना के माध्यम से देखते हैं।
मुख्यमंत्री ने बढ़ाया पहलवानों का उत्साह, किया पुरस्कृत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश केसरी, उत्तर प्रदेश कुमार व उत्तर प्रदेश वीर अभिमन्यु खिताब के लिए फाइनल मुकाबले का अवलोकन किया और ताली बजाकर पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश केसरी का खिताब जीतने वाले गौतमबुद्ध नगर के आकाश को 1.01 लाख रुपये व गदा, उप विजेता गाजियाबाद के प्रशांत कुमार को 51 हजार रुपये, उत्तर प्रदेश कुमार का खिताब जीतने वाले वाराणसी के सौरभ को 1.01 लाख रुपये व गदा, उप विजेता जौनपुर के अमित को 51 हजार, वीर अभिमन्यु का खिताब जीतने वाले गाजीपुर के सूरज यादव को 1.01 लाख रुपये व गदा, उप विजेता गोरखपुर के जनार्दन यादव को 51 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया।
इसी क्रम में सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश केसरी के मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे दो पहलवानों मेरठ के अभिषेक खोखर व एनई रेलवे के वीरेश कुमार को, उत्तर प्रदेश कुमार के मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे दो पहलवानों यूपी पुलिस के आयुष व गौतमबुद्ध नगर के देवा, वीर अभिमन्यु के मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे दो पहलवानों वाराणसी के शिवाजीत व शिवम को 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया।
यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में करेंगे PRD जवानों के सम्मेलन का शुभारंभ, खाते में आएगी वर्दी भत्ते की राशि