कुशीनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गिनाईं डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां, पूर्वांचल को दी कई बड़ी गारंटियां
कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास को लेकर आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा किा रामायणकालीन कुशीनगर जनपद भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की महापरिनिर्वाण स्थली के रूप में प्रसिद्ध है। अत्यन्त उर्वरा भूमि तथा पर्याप्त जल संसाधन से परिपूर्ण यह जनपद अनेक सम्भावनाओं से युक्त है।
डबल इंजन सरकार प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही विकास कार्य
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार कुशीनगर सहित सम्पूर्ण प्रदेश में विकास कार्याें को प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। जरुरतमंदों को बिना-भेदभाव शासन की योजनाओं से लाभान्वित कर रही है। सम्भावनाएं पहले भी थीं, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति एवं ईमानदारी का अभाव था। सब कुछ होने के बावजूद कुशीनगर पिछड़ेपन, पलायन तथा बीमारी आदि का केन्द्र बनकर रह गया था।
₹525 करोड़ की 464 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
बता दें कि मुख्यमंत्री ने आज शनिवार को जनपद कुशीनगर में कुशीनगर, रामकोला तथा हाटा विधानसभा क्षेत्रों की ₹525 करोड़ से अधिक लागत की 464 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, चाभी, प्रमाण पत्र तथा स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किये। आजीवन मानवतावादी विचारधारा के लिए समर्पित दो वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन, पौधरोपण, महिलाओं की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन किया।
बच्चों के सुरक्षित भविष्य और पोषण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां कुछ बच्चों के अन्नप्राशन का अवसर प्राप्त हुआ। अन्नप्राशन के बाद बच्चों के चेहरे पर नई खुशी, विश्वास और उत्साह दिख रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानो बच्चों को पता है कि डबल इंजन सरकार ने उनके भविष्य को सुरक्षित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित भारत में उनके लिए असीम सम्भावनाएं हैं। वह आगे चलकर देश के लिए अपना योगदान देंगे। यदि हमारा बचपन सुरक्षित होगा, तो देश का भविष्य भी सुरक्षित होगा।
इंसेफेलाइटिस पर जीत और मेडिकल कॉलेज की बड़ी उपलब्धि
पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस सीजन में इंसेफेलाइटिस बीमारी से हजारों मासूम कालकवलित हो जाते थे। इस बीमारी से कुशीनगर के बच्चे सर्वाधिक पीड़ित थे। उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए जाना पड़ता था। कुशीनगर में चिकित्सा की कोई सुविधा नहीं थी। प्रदेश सरकार द्वारा किये गये प्रयासों से आज कुशीनगर सहित सम्पूर्ण पूर्वी उत्तर प्रदेश इंसेफेलाइटिस बीमारी से मुक्त हो चुका है। हमने प्रदेश के मासूम बच्चों का भविष्य उज्ज्वल व सुरक्षित बनाया है। कुशीनगर जनपद में पहले मेडिकल कॉलेज के बारे में कोई नहीं सोचता था। आज यहां मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार है। इसमें बच्चे प्रवेश ले रहे हैं।
मुसहर समुदाय सहित जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर में मुसहर जाति के लोगों को जमीन का पट्टा, आवास, आयुष्मान कार्ड, निःशुल्क राशन, रसोई गैस कनेक्शन, बिजली आदि की सुविधा प्राप्त हो रही है। कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज संचालित है। अच्छी सड़कें बन चुकी हैं। रामकोला से कसिया मार्ग का प्रस्ताव यहां के जनप्रतिनिधियों से मांगा गया है। इस सड़क को इसी सत्र में बनाये जाने की तैयारी है।
एयरपोर्ट, कृषि विश्वविद्यालय और युवाओं के लिए नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट स्थापित हो चुका है। नए एयरक्राफ्ट्स के माध्यम से कुशीनगर के लोगों को बेहतरीन वायु सेवा प्रदान की जाएगी। कुशीनगर एयरपोर्ट को जेवर तथा गया एयरपोर्ट से जोड़ने की तैयारी चल रही है। यहां एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी प्रारम्भ होने वाली है। नये सत्र में एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ करने के लिए कहा गया है। कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बन रहा है। अपनी खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए यहां के युवाओं को अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सरकारी नौकरियों में कुशीनगर के युवा भी बड़ी संख्या में सहभागी बनते हैं।
निवेश, कानून-व्यवस्था और रोजगार पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब निवेश नोएडा और गाजियाबाद जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ कुशीनगर तथा गोरखपुर जैसे शहरों में भी होता है। वर्ष 2017 से पूर्व तत्कालीन सरकार की न नीयत थी और न कोई नीति थी। सरकारें पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार थीं। प्रदेश में निवेश का अभाव था। विकास कार्य ठप पड़े थे। पहले पर्व व त्योहारों पर उपद्रव होते थे। डबल इंजन सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के अन्तर्गत कार्य करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया है।
विगत 9 वर्षाें में प्रदेश में नहीं हुआ कोई उपद्रव या दंगा
उन्होंने कहा, "प्रत्येक व्यक्ति को उसकी उपासना विधि में पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए। आज हिन्दू, मुस्लिम, सिख तथा इसाई धर्म के लोग अपने पर्व और त्यौहार शान्तिपूर्ण तरीके से मना रहे हैं। विगत 9 वर्षाें में प्रदेश में कोई उपद्रव तथा दंगा नहीं हुआ है। बेटी व व्यापारी सुरक्षित हैं। युवाओं को रोजगार मिल रहा है। महिलाओं को स्वावलम्बी बनाया जा रहा है। प्रत्येक गांव को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान की गयी है।"
जनप्रतिनिधियों के सहयोग से बदलता हुआ नया कुशीनगर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सही लोगों के चुनने के अच्छे परिणाम आते हैं। यहां के जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से आज कुशीनगर नए कुशीनगर के रूप में दिखायी दे रहा है। कुशीनगर के लोग धार्मिक कार्यक्रमों में रुचि लेते हैं। विकास कार्यों से जुड़ते हैं। अनावश्यक रूप से कहीं कोई व्यवधान नहीं डालते। विकास का समर्थन करते हैं। कुशीनगर में प्रत्येक ओर विकास कार्य चल रहे हैं। जरुरतमन्दों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। अन्नदाता किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्हें उपज का बेहतर दाम प्राप्त हो रहा है।
पर्यटन, कनेक्टिविटी और भैंसहा घाट सेतु परियोजना पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में मंदिरों का पुनरुद्धार तथा सुन्दरीकरण हो रहा है। यहां पर टूरिज्म के क्षेत्र में व्यापक सम्भावनाएं हैं। प्रदेश सरकार इन सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने का काम करेगी। प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में खड्डा विधान सभा क्षेत्र में नारायणी नदी के भैंसहा घाट पर दीर्घ सेतु एवं पहंुच मार्ग की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके माध्यम से जनपद कुशीनगर तथा महराजगंज के दर्जनों गांव सहित बिहार राज्य के गांव आपस में जुड़ेंगे। लगभग 05 लाख ग्रामीणों को इसका लाभ प्राप्त होगा।
शिक्षकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों के लिए बढ़ी सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेकुआटार में एक विद्यालय के निरीक्षण का अवसर प्राप्त हुआ। इस विद्यालय को और अधिक अच्छा बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा मित्रों तथा अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया गया है। बेसिक शिक्षा तथा माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों, शिक्षामित्रों अनुदेशकों तथा रसोइया आदि को ₹5 लाख वार्षिक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की गयी है। सोशल सिक्योरिटी की गारंटी भी दी गई है। यदि किसी शिक्षक के साथ कोई घटना या दुर्घटना हो जाती है। वह किसी आपदा की चपेट में आ जाता है। तो शिक्षक के परिवार को ₹80 लाख से ₹1.5 करोड़ की सहायता मिलेगी यदि शिक्षा मित्रों या अनुदेशकों के साथ दुर्भाग्य से कोई घटना घटित हो जाती है, तो उनके परिवार को ₹30 लाख से ₹80 लाख देने की गारंटी डबल इंजन सरकार दे रही है। यदि रसोइया किसी दुर्घटना का शिकार हो गया, तो उसके लिए ₹2 लाख के सुरक्षा बीमा कवर की व्यवस्था की गयी।
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