योगी आदित्यनाथ का कड़ा संदेश: भर्ती में घूस मांगने वाले जाएंगे जेल, 6 महीने में 1 लाख नई नौकरियों का ऐलान
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। मंगलवार को 3,567 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अभ्यर्थियों से पैसे मांगने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए 'सैफई सिंडिकेट' को युवाओं के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ के लिए जिम्मेदार ठहराया।
भर्ती बोर्डों में कमान पुलिस अधिकारियों के हाथ
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का लहजा बेहद सख्त था। उन्होंने स्पष्ट किया, "अब नियुक्ति पाने वाले किसी भी अभ्यर्थी से पैसे की मांग करने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा। हमें सख्त कार्रवाई पर मजबूर होना पड़ेगा।"
भर्ती बोर्डों में हुए प्रशासनिक फेरबदल का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को ही आयोग और बोर्डों की दिशा-दशा सुधारने का अहम दायित्व सौंपा गया है, ताकि कोई 'सैफई सिंडिकेट' प्रतिभावान छात्रों के हकों पर डकैती न डाल सके।
सैफई सिंडिकेट और विपक्ष पर राजनीतिक तंज
रोजगार के आंकड़ों पर बात करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और शिवपाल यादव पर सीधा राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने कहा, "हमने सैफई सिंडिकेट से कहा है कि हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं। यदि गिनती नहीं आती हो तो शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाएं, बहुत अच्छी गिनती सीख जाएंगे।"
मुख्यमंत्री ने मंच से घोषणा की कि राज्य सरकार आगामी छह महीनों के भीतर एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, जबकि बीते एक सप्ताह में ही 5,297 युवाओं को नौकरियां मिली हैं।
2015-16 के भ्रष्टाचार का वह मार्मिक प्रसंग
पुरानी और नई चयन प्रक्रिया के बीच का फर्क समझाने के लिए सीएम ने एक अभ्यर्थी का मार्मिक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि उस युवा ने 2015-16 में आवेदन किया था, तब उससे आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
युवक अपना खेत बेचकर पैसे लाया, लेकिन अधिक पैसा देने वाले किसी अन्य व्यक्ति को नौकरी दे दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी भ्रष्ट प्रक्रिया को निरस्त कर अब उसी युवा को पारदर्शी तरीके से उसी पद पर नियुक्ति दी गई है। यह कार्यक्रम माध्यमिक शिक्षा के चारों स्तंभों— सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य को एक साथ जोड़ने वाला कदम है। शिक्षकों के लिए सरकार ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी लागू कर दी है।
प्रयागराज में धरनारत छात्रों के लिए एनसीटीई को निर्देश
प्रयागराज में धरनारत प्रतियोगी छात्रों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने एक अहम नीतिगत घोषणा की। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र लिखने का निर्देश दिया है।
सीएम ने कहा, "उन बच्चों के लिए रिलैक्सेशन किया जाए अथवा ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि एक समय के बाद वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठ सकें। जड़ता की शिकार व्यवस्था नौजवानों के हौसलों को रोकती है, कोई एक सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए।"
बीमारू से ग्रोथ इंजन बना यूपी: खत्म हुआ पहचान का संकट
उत्तर प्रदेश की बदली हुई छवि का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि कभी बीमारू कहलाने वाला राज्य आज देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है। राज्य की अर्थव्यवस्था बॉटम फाइव से टॉप-थ्री में आ गई है और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पहले 'यूपी वाला' कहकर युवाओं को शक की निगाह से देखा जाता था, लेकिन आज दुनिया उनके लिए खुली है।
2017 से पहले की जर्जर शिक्षा व्यवस्था की तुलना करते हुए उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन कायाकल्प' के तहत बुनियादी सुविधाओं का सैचुरेशन 36 प्रतिशत से 96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं, 'प्रोजेक्ट अलंकार' के तहत 2,300 से अधिक नए विद्यालय भवन, अटल टिंकरिंग लैब और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं।
राष्ट्र निर्माण और शिक्षकों की भूमिका
नवनियुक्त शिक्षकों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये 3,567 शिक्षक प्रतिवर्ष 3.5 लाख से अधिक छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने भगवान राम, गुरु वशिष्ठ, विश्वामित्र, चाणक्य, महर्षि अगस्त्य, वाल्मीकि, मदन मोहन मालवीय और एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए गुरु की विशिष्ट भूमिका को समझाया।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को पूरा करने में आज के 13-15 साल के बच्चे ही कल देश का नेतृत्व करेंगे। एक प्रिंसिपल का काम केवल अनुशासन बनाए रखना नहीं है, बल्कि विद्यालय को जिज्ञासा का केंद्र बनाना है। शिक्षकों का दायित्व है कि वे छात्रों को नकारात्मकता और समाज को बांटने वाली ताकतों से सावधान करें।
मेरिट के आधार पर मिल रहा हक: ब्रजेश पाठक
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सड़क, बिजली और शिक्षा के क्षेत्र में भारी चुनौतियां थीं। वर्तमान सरकार में नियुक्तियां पूरी तरह से पारदर्शी और मेरिट के आधार पर हो रही हैं।
वहीं, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने नई शिक्षा नीति-2020 की भावनाओं का उल्लेख करते हुए चयनित शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों के लिए खुद को एक आदर्श के रूप में स्थापित करें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को इसी विश्वास के साथ सौंपते हैं कि शिक्षक उन्हें ज्ञान के साथ देशभक्ति और अच्छे चरित्र के संस्कार देंगे।
यह भी पढ़ें: योगी आदित्यनाथ 3,567 नवचयनित अभ्यर्थियों को देंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षकों की होगी नई तैनाती