सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान, अगले 6 महीनों में 1 लाख युवाओं को मिलेंगे सरकारी नियुक्ति पत्र
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में राज्य के 1 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं से मुलाकात की और उनके आग्रह पर उनके बीच जाकर सेल्फी भी खिंचवाई।
हर हफ्ते अलग-अलग चरणों में दिए जाएंगे नियुक्ति पत्र
लखनऊ में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार अगले छह महीनों में 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं प्रदेश के युवाओं को आश्वस्त करना चाहता हूं कि अगले छह महीनों के भीतर- जी हां, अगले छह महीनों के भीतर हम 1 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र जारी करेंगे। इन्हें हर सप्ताह अलग-अलग चरणों में वितरित किया जाएगा।" योगी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार के पिछले साढ़े 9 वर्षों के कार्यकाल में 9.30 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें एक भी नियुक्ति सवालों के घेरे में नहीं आई है।
2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर योगी का हमला
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले प्रदेश में रही भर्ती व्यवस्था पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में सरकारी भर्तियां भ्रष्टाचार और राजनीतिक हस्तक्षेप से प्रभावित थीं। योगी ने कहा, "हमने पहले दिन से यह संकल्प लिया था कि 2017 से पहले की उस व्यवस्था को खत्म करेंगे, जिसमें भर्ती के विज्ञापन जारी होते ही 'चाचा-भतीजा' और पूरा 'महाभारत जैसा कुनबा' वसूली के लिए प्रदेशभर में निकल पड़ता था।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भर्तियों में युवाओं का चयन योग्यता और मेरिट के आधार पर होना चाहिए तथा किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें यह ध्यान रखना होगा कि जब हम बिना किसी भेदभाव के सबसे योग्य उम्मीदवारों का चयन करते हैं तो इसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलता है। प्रदेश उनकी प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग करता है—पिछले साढ़े नौ से नौ-साढ़े नौ वर्षों में भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार की यह एक प्रमुख उपलब्धि है।"
अपराध और भर्ती में गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी और अन्य तरह की गड़बड़ियों में शामिल लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इनके सरगनाओं को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ें।" इस बयान के जरिए मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन की सख्त नीति को रेखांकित किया।
यूपी में चीनी की कमी के दावे को योगी ने किया खारिज
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में चीनी की कथित कमी के दावों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में चीनी का स्टॉक मौजूद है और फिलहाल कमी जैसी स्थिति नहीं है। योगी के मुताबिक, राज्य में करीब 28 लाख टन चीनी का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि प्रदेश में हर महीने करीब 4 लाख टन चीनी की खपत होती है। उन्होंने यह भी बताया कि चीनी मिलों में पेराई का काम 15 अक्टूबर से दोबारा शुरू होगा। ऐसे में सरकार का दावा है कि मौजूदा स्टॉक के चलते राज्य में चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है।
जापान, जर्मनी और इजरायल में यूपी के युवाओं के लिए रोजगार
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं के लिए विदेशों में बढ़ते रोजगार अवसरों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जापान, जर्मनी और इजरायल जैसे देश उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने में रुचि दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के करीब 5,000 युवाओं को इजरायल भेजा जा चुका है। उनके मुताबिक, ये युवा करीब 1.5 लाख रुपये प्रति माह कमा रहे हैं और उन्हें भोजन तथा रहने की सुविधा भी मुफ्त मिल रही है। सरकार की ओर से पेश किए गए इस आंकड़े को प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के बढ़ते अवसरों के संदर्भ में रखा गया।
2017 से पहले के यूपी से मौजूदा स्थिति की तुलना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और मौजूदा स्थिति की तुलना भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश के युवा बेरोजगारी और पलायन की समस्या से जूझ रहे थे। योगी ने कहा कि उस दौर में किसानों और कारोबारियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इसके विपरीत, उन्होंने मौजूदा सरकार की उपलब्धियों को रोजगार, भर्ती और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव से जोड़कर पेश किया।
नियुक्ति पत्र बांटने के बाद युवाओं के बीच पहुंचे योगी
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री नवनियुक्त युवाओं से मिलने पहुंचे। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने उनसे सेल्फी लेने का आग्रह किया। युवाओं की मांग पर योगी उनके बीच गए और उनके साथ सेल्फी खिंचवाई। नियुक्ति पत्र वितरण के औपचारिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री का यह संवाद कार्यक्रम का अलग आकर्षण रहा। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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