योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: गोरखपुर-मुरादाबाद में ESIC अस्पताल, वाराणसी में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पतालों तथा वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि आवंटन को स्वीकृति प्रदान की। योगी सरकार की ओर से इन परियोजनाओं के लिए भारत सरकार को निःशुल्क और रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
बीमांकित श्रमिकों व परिजनों को मिलेगी चिकित्सा सुविधा
मुरादाबाद में अस्पताल निर्माण के लिए ग्राम हरथला, तहसील एवं जनपद मुरादाबाद स्थित गाटा संख्या-1336/9.984 हेक्टेयर में से 2.025 हेक्टेयर राज्य सरकार की भूमि ईएसआईसी, श्रम एवं रोजगार विभाग, भारत सरकार को निःशुल्क आवंटित की जाएगी। यह भूमि राजस्व अभिलेखों में श्रेणी-1 राज्य सरकार की संपत्ति के रूप में दर्ज है। मुरादाबाद में प्रस्तावित 100 शैय्या अस्पताल से लगभग 93,591 बीमांकित श्रमिकों और उनके 3,55,646 परिजनों को चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल का निर्माण कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा कराया जाएगा, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। इसके संचालन से चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
गोरखपुर में रियायती दर पर भूमि, बनेगा 100 बेड का अस्पताल
इसी प्रकार गोरखपुर में गीडा सेक्टर-09 स्थित संस्थागत भूखंड संख्या एएल-7, क्षेत्रफल 21,427 वर्ग मीटर (करीब 5.249 एकड़) भूमि पर 100 बेड का ईएसआईसी अस्पताल बनाया जाएगा। परियोजना को प्रोत्साहन देने के लिए भूमि की दर 8720 रुपये प्रति वर्ग मीटर के स्थान पर रियायती 2000 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई है। नियमानुसार अन्य शुल्क अलग से देय होंगे। इस अस्पताल की स्थापना से चिकित्सकीय सुविधाओं के विस्तार के साथ ही प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से नए रोजगार अवसर भी सृजित होंगे।
वाराणसी में बनेगा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि वाराणसी में बनने वाले ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के लिए पिंडरा तहसील के ग्राम पिंडरा में लगभग 13 एकड़ भूमि शिक्षण संकाय के लिए भारत सरकार को निशुल्क दी जाएगी। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की स्थापना में लगभग 800 करोड़ रुपये का व्यय होने का अनुमान है, जिससे बड़े पैमाने पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल तथा संविदा स्टाफ के लिए रोजगार अवसर सृजित होंगे। कॉलेज में एमबीबीएस की अधिसंख्य सीटें उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों को उपलब्ध होंगी। 50 प्रतिशत एमबीबीएस सीटें बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। इसके अलावा 18 प्रतिशत सीटों पर राज्य सरकार व 7 प्रतिशत सीटों पर केंद्र सरकार के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।
भविष्य में शुरू होंगे नर्सिंग और पैरामेडिकल कोर्स
अनिल राजभर ने बताया कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में भविष्य में नर्सिंग व पैरामेडिकल कोर्सेज भी प्रारंभ किए जा सकेंगे। राज्य सरकार का यह कदम प्रदेश में श्रमिकों व उनके आश्रितों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे वाराणसी एवं आसपास के जनपदों के संगठित क्षेत्र के 1.45 लाख ईएसआई कार्डधारक श्रमिकों तथा उनके 5.50 लाख परिजनों को बेहतर चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा मिलेगी।
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