उत्तर प्रदेश में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यालयों में

योगी सरकार का बड़ा कदम: ₹56.36 करोड़ से कक्षा 1 से 5 तक के लिए बनेंगे टीएलएम

Yogi Government Allocates ₹56.36 Crore for Teaching Learning Material

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा में कक्षा-कक्ष को और अधिक गतिविधि आधारित और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कक्षा 1 से 5 तक के विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा टीचिंग लर्निंग मैटेरियल (TLM) तैयार करने के लिए समग्र शिक्षा के तहत ₹56.36 करोड़ का बजट जारी किया गया है। इस राशि से बच्चों की कक्षा और विषय के अनुरूप शिक्षण सामग्री तैयार की जाएगी, जिसे ‘निपुण लक्ष्य’ के साथ जोड़ा जाएगा। शिक्षकों को 15 अक्टूबर तक सामग्री खरीदने और 31 अक्टूबर तक टीएलएम तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है।

15 अक्टूबर तक सामग्री खरीद, 31 अक्टूबर तक टीएलएम निर्माण

विद्यालय स्तर पर टीएलएम निर्माण के लिए समय-सीमा भी तय की गई है। संबंधित सामग्री की खरीद 15 अक्टूबर 2026 तक पूरी करनी होगी, जबकि शिक्षकों को 31 अक्टूबर 2026 तक कक्षावार और विषयवार टीएलएम तैयार करना होगा। उत्कृष्ट और नवाचारी सामग्री को सामने लाने के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्र स्तर पर ‘निपुण टीएलएम मेला उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इसमें शिक्षकों द्वारा विकसित टीएलएम का प्रदर्शन किया जाएगा और कक्षा शिक्षण में उसके प्रभावी उपयोग का प्रस्तुतीकरण भी होगा।

बच्चों की सीखने की जरूरत के अनुरूप तैयार होगा टीएलएम

समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2026-27 में स्वीकृत धनराशि विद्यालय स्तर पर टीएलएम निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों को ऐसी शिक्षण सामग्री तैयार करने के लिए संसाधन देना है, जो निपुण लक्ष्य से जुड़ी, सरल, उपयोगी और कक्षा में आसानी से प्रयोग की जा सके। दिशा-निर्देशों के अनुसार टीएलएम पाठ्य बिंदु, विषयवस्तु और शिक्षण योजना के अनुरूप तैयार किया जाएगा। सामग्री में उपयोगिता, टिकाऊपन और सहज उपलब्धता का ध्यान रखने के साथ बच्चों की स्वयं सामग्री बनाने और जोड़ने में सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

निपुण लक्ष्य से आकलन ट्रैकर तक कई सामग्री शामिल

टीएलएम की सूची में कक्षा 1 से 5 तक के लिए ‘निपुण लक्ष्य’ पोस्टर, कक्षावार गणित एवं हिंदी की तालिका और कक्षा 3 से 5 के लिए अंग्रेजी एवं पर्यावरण अध्ययन की तालिका शामिल है। इसके अलावा शिक्षण-अधिगम से संबंधित आईईसी सामग्री, कैच-अप शिक्षण और आकलन ट्रैकर सहित विभिन्न सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। इसमें कार्ड बोर्ड, चार्ट पेपर, स्केच पेन, फ्लैश कार्ड, एबेकस, ग्लोब, भारत एवं विश्व के मानचित्र, कठपुतलियां, पशु-पक्षियों एवं परिवहन संबंधी चार्ट, घड़ी और वर्णमाला कार्ड आदि सामग्री भी शामिल हैं।

टीएलएम के निर्माण और उपयोग की होगी निगरानी

निर्देशों के मुताबिक स्वीकृत धनराशि का इस्तेमाल निर्धारित टीएलएम निर्माण में ही किया जाएगा। सामान्य स्टेशनरी, सफाई सामग्री, सजावट, व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं या ऐसी सामग्री की खरीद पर धनराशि खर्च नहीं की जाएगी, जिसका शिक्षण-अधिगों में टीएलएम के निर्माण और कक्षा-म प्रक्रिया में प्रत्यक्ष उपयोग न हो। विद्यालयों में टीएलएम के निर्माण और कक्षा-शिक्षण में उसके उपयोग की निगरानी प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक, बीईओ, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट और संबंधित शैक्षिक टीमों द्वारा की जाएगी।

बच्चों के लिए बेहतर सीखने के अवसर पर जोर

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा, “योगी सरकार प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी और गतिविधिपरक बना रही है।” उन्होंने कहा कि टीएलएम निर्माण के लिए उपलब्ध कराए जा रहे संसाधन कक्षा-कक्ष को अधिक जीवंत और सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इसमें बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करने से सीखने के साथ उनकी रचनात्मकता भी विकसित होगी।

उत्कृष्ट टीएलएम को साझा करने का मिलेगा मंच

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने कहा कि प्रयास है कि टीएलएम निर्माण की सुविधा का उपयोग शिक्षकों द्वारा बच्चों की सीखने की जरूरतों और शिक्षण योजना के अनुरूप किया जाए तथा उसका प्रभावी उपयोग कक्षा-कक्ष में सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा तैयार उत्कृष्ट और नवाचारी टीएलएम को निपुण टीएलएम मेला उत्सव के माध्यम से साझा करने से बेहतर शिक्षण प्रयोगों को व्यापक स्तर पर अपनाने का अवसर मिलेगा।

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