विरासत के साथ विकास का लक्ष्य साकार करने में जुटी योगी सरकार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विरासत के साथ विकास के लक्ष्य को साकार करने में लगी है। यूपी में पर्यटन क्षेत्रों के विस्तार के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। इसी कड़ी में सीएम योगी ने लखनऊ में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में यूपी पर्यटन नीति में बदलाव से लेकर पर्यटन को सांस्कृतिक पुनर्जागरण, रोजगार सृजन और वैश्विक पहचान से जोड़कर आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।.
योगी सरकार का पर्यटन विकास पर फोकस
सीएम योगी ने पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सिर्फ आस्था और धार्मिक पर्यटन का केंद्र नहीं है। ये भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और ज्ञान की विरासत का प्रदेश है। पर्यटन को केवल सड़क, भवन और अन्य सुविधाओं तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और प्रदेश की वैश्विक पहचान से जोड़कर विकास किया जाना चाहिए।
नीम करोली बाबा सर्किट और बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट पर भी चर्चा
बैठक में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण से जुड़े 'ज्ञान भारतम् मिशन' की भी समीक्षा की गई। सीएम योगी ने पर्यटन नीति-2022 में प्रस्तावित संशोधनों की समीक्षा की। इसके अलावा नीम करोली बाबा सर्किट और बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट को विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश
समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में पर्यटन को सिर्फ बुनियादी ढांचे तक सीमित न रखकर सांस्कृतिक पुनर्जागरण, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और वैश्विक पहचान से जोड़ना है। सीएम योगी ने बैठक में ज्ञान भारतम् मिशन, पर्यटन नीति, नौसेना शौर्य वाटिका, छत्रपति शिवाजी संग्रहालय, नैमिषारण्य और विंध्याचल क्षेत्र के विकास कार्यों के विकास की जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिये।