उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच योगी सरकार

बाढ़ राहत कार्यों को लेकर योगी सरकार अलर्ट, राहत शिविरों का लाइव निरीक्षण कर दिए सख्त निर्देश

Yogi Government Intensifies Flood Relief Operations Across Uttar Pradesh

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। प्रदेश में सरयू-घाघरा सहित अन्य नदियों के उफान के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार की सजगता से बाढ़ राहत कार्य पूरी तत्परता के साथ संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फर्रूखाबाद, बलिया एवं बहराइच में चल रहे बाढ़ राहत कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का लाइव जायजा लेते हुए बाढ़ प्रभावितों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

राहत शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण

राहत आयुक्त ने शिविरों में साफ-सफाई, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। फर्रूखाबाद के रहमानिया इंटर कॉलेज स्थित राहत शिविर में उन्होंने बाढ़ प्रभावित अब्दुल गफ्फार खान से बातचीत की, जिन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ 1 अगस्त से शिविर में रह रहे हैं और उन्हें भोजन, पानी, साफ-सफाई तथा दवाओं सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर मिल रही हैं।

 शिविर में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई

बहराइच में राहत आयुक्त ने उप जिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी से मिहपुरवा स्थित कम्पोजिट विद्यालय आनन्द नगर बरखड़िया के राहत शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और प्रभावित शिवकुमार निषाद से संवाद किया। शिवकुमार ने बताया कि शिविर में चारपाई, गद्दा, नाश्ता एवं भोजन सहित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जलस्तर घटने के साथ ही प्रभावित परिवार अब अपने घरों को लौटने लगे हैं, जिन्हें प्रशासन राशन किट सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा रहा है।

राहत शिविर की व्यवस्थाओं की ली जानकारी

बलिया में उप जिलाधिकारी, बैरिया से गोपल नगर टांडी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैरिया स्थित राहत शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए राहत आयुक्त ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित पप्पू यादव से भी संवाद किया, जिन्होंने बताया कि शिविर में तीनों समय भोजन, स्वच्छ पानी, साफ-सफाई एवं दवाओं की समुचित व्यवस्था है तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

आवश्यक सुविधाएं निरंतर उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश

समीक्षा के दौरान राहत आयुक्त ने तीनों जनपदों के अधिकारियों को राहत शिविरों में साफ-सफाई, भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं निरंतर उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों एवं वृद्धजनों के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर बल दिया।

अयोध्या-आजमगढ़ में भी सतर्कता, राहत कार्य युद्धस्तर पर

राहत आयुक्त की समीक्षा के साथ-साथ प्रदेश के अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों में भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अयोध्या में सरयू (घाघरा) नदी के जलस्तर में वृद्धि के बावजूद प्रशासन की सक्रियता से बड़े नुकसान से बचा जा सका है। जनपद के 11 गांव वर्तमान में बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां अब तक कुल 2370 राहत किट, 1450 लंच पैकेट तथा पशुओं के लिए 350 कुंतल भूसा वितरित किया जा चुका है।

जिले में 14 बाढ़ शरणालय

जिले में 14 बाढ़ शरणालयों में से सहारा बाग शरणालय में 100 प्रभावित लोग रह रहे हैं, जबकि 10 बाढ़ चौकियों से 18 नावों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की 37 टीमों ने 1224 ओआरएस पैकेट और 2912 क्लोरीन टैबलेट बांटे हैं, वहीं पशु चिकित्सा विभाग की 21 टीमें टीकाकरण शिविर लगा रही हैं। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 0.310 मीटर ऊपर 93.040 मीटर दर्ज किया गया है।

आजमगढ़ में घाघरा नदी खतरे के निशान के करीब

आजमगढ़ में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। उल्टहवा गेज पर जलस्तर 76.30 मीटर तक पहुंच गया है, जो 76.60 मीटर के निशान के निकट है। इस्माइलपुर, बदरहुआ एवं डिघिया गेजों पर भी जलस्तर बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं। हालांकि टोंस नदी की स्थिति स्थिर बनी हुई है। योगी सरकार की सक्रिय व्यवस्था के चलते प्रदेश में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है, और प्रभावितों तक राहत सामग्री समय पर पहुंचाई जा रही है।

यह भी पढ़ेंः यूपी-जापान के बीच ग्रीन हाइड्रोजन सहयोग पर बड़ा समझौता, प्रदेश को ‘ग्रीन हाइड्रोजन हब’ बनाने की तैयारी