बरेली सरकारी नौकरी पाने का सपना 27 वर्षीय शिवम या

जन्मदिन के अगले दिन भर्ती परीक्षा देने निकले थे, अब घर लौटा 27 वर्षीय शिवम का शव

Youth Who Went for Exam Day After Birthday Returned Dead

बरेली {उत्तर प्रदेश}: बरेली सरकारी नौकरी पाने का सपना 27 वर्षीय शिवम यादव के परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। बरेली के सुभाषनगर निवासी शिवम बीटेक, बीएड, सीटीईटी और यूपी-टीईटी पास थे। वह कोचिंग चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे, लेकिन सरकारी नौकरी हासिल करने की इच्छा में मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक परीक्षा देने पहुंचे थे। 12वें राउंड में दौड़ के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

12वें राउंड में बिगड़ी तबीयत

शिवम के पिता विनोद यादव के मुताबिक, 9वीं पीएसी ग्राउंड, कांठ रोड पर भर्ती प्रक्रिया के तहत 4.8 किलोमीटर दौड़ होनी थी। दौड़ के 12वें राउंड में शिवम की हालत अचानक खराब हो गई। पिता का आरोप है कि सूचना मिलने पर वह बेटे के पास जाने के लिए भर्ती स्थल के गेट पर पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। वह रोते और गिड़गिड़ाते रहे।

परिजनों ने चिकित्सा सुविधा पर उठाए सवाल

परिजनों का आरोप है कि भर्ती स्थल पर समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिली। शिवम को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया।

घर में मचा चीख-पुकार

शिवम की मौत की खबर मिलते ही सुभाषनगर स्थित घर में चीख-पुकार मच गई। मां ममता यादव और पत्नी कोमल का रो-रोकर बुरा हाल है। पांच साल पहले शादी हुई थी और उनकी ढाई साल की बेटी शैली है।

जन्मदिन के अगले दिन निकले थे मुरादाबाद

पत्नी कोमल ने रोते हुए बताया कि शिवम ने 17 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाया था। उन्होंने व्रत रखा था और कहा था कि अगली बार जन्मदिन धूमधाम से मनाएंगे। उसी रात करीब 11 बजे वह मुरादाबाद जाने के लिए बस से रवाना हुए थे। अगले दिन परिवार को उनकी मौत की खबर मिली। कोमल ने कहा, "अगर जरा भी अंदेशा होता तो उन्हें जाने ही नहीं देती।"

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