भारत और पाकिस्तान के 117 प्रमुख नागरिकों ने दोनों

भारत-पाकिस्तान के 117 प्रमुख नागरिकों ने दोनों प्रधानमंत्रियों से संवाद बहाल करने की अपील की

117 Eminent Citizens from India and Pakistan Urge PMs to Resume Dialogue

नई दिल्ली,(भारत)। भारत और पाकिस्तान के 117 प्रमुख नागरिकों ने दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों को एक संयुक्त खुला पत्र लिखकर आपसी बातचीत, सामान्य राजनयिक संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को फिर से शुरू करने की अपील की है। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच बढ़ते अविश्वास को कम करना और शांति की दिशा में नई शुरुआत करना है। इस समूह में 61 भारतीय और 56 पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और विभिन्न क्षेत्रों की सार्वजनिक हस्तियां शामिल हैं। उनका मानना है कि लंबे समय से जारी राजनयिक गतिरोध दोनों देशों के हित में नहीं है और संवाद ही सभी मतभेदों का सबसे प्रभावी समाधान है।

पत्र का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बने मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक अवरोधों को दूर करना

इस पहल के प्रमुख हस्ताक्षरकर्ताओं में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता ओम प्रकाश शाह ने कहा, कि पत्र का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बने मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक अवरोधों को दूर करना है। उन्होंने कहा, कि भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों को सीधे बातचीत कर संबंधों को सामान्य बनाने, व्यापार बहाल करने और संचार के सभी माध्यमों को फिर से सक्रिय करने पर विचार करना चाहिए।

बातचीत ही तनाव कम करने और लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान

उन्होंने कहा, कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी है और इसे केवल निरंतर संवाद के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है। उनके अनुसार, बातचीत ही तनाव कम करने और लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान खोजने का सबसे प्रभावी रास्ता है। पत्र में सीमा पार व्यापार को दोबारा शुरू करने, राजनयिक संपर्क मजबूत करने और ऐसी व्यवस्था विकसित करने की अपील की गई है, जिससे गलतफहमियों को रोका जा सके। हस्ताक्षरकर्ताओं का कहना है, कि सैन्य तनाव किसी भी पक्ष के हित में नहीं है और युद्ध कभी स्थायी समाधान नहीं हो सकता।

युद्ध से केवल जान-माल का नुकसान और सभ्यताओं का विनाश

ओम प्रकाश शाह ने भारतीय महाकाव्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान राम और भगवान कृष्ण ने भी युद्ध से पहले शांति और संवाद का मार्ग अपनाने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा, कि इतिहास बताता है कि युद्ध केवल जान-माल का नुकसान और सभ्यताओं का विनाश करता है। उन्होंने यह भी कहा, कि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं, इसलिए उनके बीच बेहतर संबंध केवल क्षेत्रीय शांति ही नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और दोनों देशों के नागरिकों के हित में भी आवश्यक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अपील दोनों सरकारों तक पहुंचेगी और सकारात्मक संवाद की दिशा में पहल होगी।(एएनआई)

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