जॉर्डन में ईरानी हमले के बाद 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत, 1 अब भी लापता: सेंटकॉम
वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने शनिवार को बताया कि जॉर्डन के अल-अज़राक वायु सेना अड्डे पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक सैनिक अब भी लापता है।
हमले के दौरान ड्यूटी निभाते हुए गई जान
सेंटकॉम के अनुसार, 17 जुलाई को अमेरिकी और सहयोगी सेनाएं ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोकने में जुटी थीं। इसी दौरान अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए दो अमेरिकी सैनिक मारे गए। हमले में घायल चार अमेरिकी सैनिकों को इलाज के लिए जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। सेंटकॉम ने बताया कि इलाज के बाद सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वहीं, मामूली रूप से घायल अन्य सैन्यकर्मी चिकित्सकीय जांच के बाद फिर से ड्यूटी पर लौट आए हैं।
पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जाएगी
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि मृत सैनिकों के परिजनों की निजता का सम्मान करते हुए उनकी पहचान तब तक सार्वजनिक नहीं की जाएगी, जब तक परिवारों को आधिकारिक सूचना दिए जाने के कम से कम 24 घंटे पूरे नहीं हो जाते।
अमेरिकी युद्ध सचिव ने जताया शोक
सेंटकॉम की घोषणा के बाद अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, "ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे, वीरों। उनका बलिदान हमारे संकल्प को और मजबूत करता है।" इससे पहले ईरानी सेना ने दावा किया था कि उसने ऑपरेशन 'लाइटनिंग' के 14वें चरण के तहत जॉर्डन के अल-अज़राक एयर बेस की ईंधन भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया। इसके अलावा जॉर्डन और कुवैत में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए।
सातवीं रात भी जारी रहा जवाबी हमला
ईरान के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा लगातार सातवीं रात किए गए सैन्य हमलों के जवाब में की गई। ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस, अल-उदैरी शिविर के गोला-बारूद डिपो और कई सैन्य संचार ढांचों को भी निशाना बनाया।
ANI
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