टोमिनी की खाड़ी में 6.0 तीव्रता का भूकंप; इंडोनेशिया में यह तीसरा भूकंप
टोमिनी की खाड़ी (इंडोनेशिया)। इंडोनेशिया में एक और भूकंप आया है, जो कुछ ही घंटों के भीतर तीसरा भूकंप है। देश अभी भी इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहा है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने X पर एक पोस्ट में जानकारी साझा करते हुए बताया कि शनिवार रात को टोमिनी की खाड़ी में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। NCS के अनुसार, भूकंप 68 किलोमीटर की गहराई पर भारतीय समयानुसार रात 9:55 बजे आया।
भूकंप की तीव्रता: 6.0
NCS ने X पर पोस्ट कर बताया, कि भूकंप की तीव्रता 6.0 थी। यह भूकंप 15/08/2026 को भारतीय समयानुसार 21:55:18 पर आया। भूकंप का केंद्र 0.174 उत्तरी अक्षांश एवं 120.312 पूर्वी देशांतर पर 68 किमी की गहराई पर टोमिनी की खाड़ी में आया था।
38 लोगों की मौत की पुष्टि
यह घटना शनिवार दोपहर को इंडोनेशिया में आए 6.5 तीव्रता के भूकंप के बाद घटी है। इससे कुछ घंटे पहले सुबह आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई थी और सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जैसा कि सीबीएस न्यूज ने बताया। सीबीएस न्यूज के अनुसार, इंडोनेशियाई राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख सुहार्यंतो ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "38 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, दो गंभीर रूप से घायल हैं, 11 लोगों को मामूली चोटें आई हैं और लगभग 2,000 लोग स्वयं ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं।"
पहले भूकंप के बाद कई झटके महसूस किए गए
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इससे पहले आया भूकंप इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में सुबह 5:58 बजे आया था, जिसका केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एंडे शहर से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में स्थित था। पहले भूकंप के बाद कई झटके महसूस किए गए। मौमेरे खोज और बचाव एजेंसी के प्रमुख फथुर रहमान ने बताया कि बचावकर्मी भूकंप से हुए भूस्खलन के बाद कीचड़ में दबे दो ग्रामीणों की तलाश जारी रखे हुए हैं।
शहरों और गांवों में बिजली गुल होने से संचार बाधित
पूर्वी नुसा तेंगारा के पुलिस प्रमुख रूडी डारमोको ने बताया कि भूकंप से भारी तबाही हुई और इमारतें ढह गईं। शहरों और गांवों में बिजली गुल होने से संचार बाधित हुआ और खोज एवं बचाव अभियान में बाधा आई। इंडोनेशियाई राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने रसद और आपातकालीन राहत कार्यों, जिनमें संभावित निकासी भी शामिल है, में सहायता के लिए एक हेलीकॉप्टर तैनात किया। हवाई सहायता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पूर्वी नुसा तेंगारा में कई द्वीप हैं, जिससे परिवहन और पहुंच में काफी चुनौतियां आती हैं। सीबीएस न्यूज के अनुसार, नागेकेओ जिले के लगभग 2,000 ग्रामीण भी अपने घरों से भागकर अस्थायी आश्रयों में चले गए। (इनपुटः ANI)
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