श्री थानेदार ने टैरिफ नीतियों को लेकर ट्रंप की आलो

मिडटर्म चुनावों में हार के बाद ट्रंप पर महाभियोग का विकल्प खुला रखें डेमोक्रेट्स: श्री थानेदार

After Midterm Setback, Democrats Should Keep Trump Impeachment Option Open: Thanedar (File Photo)

मिशिगन (अमेरिका)। मिशिगन के भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसमैन श्री थानेदार ने बुधवार को कहा कि डेमोक्रेट्स को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों को लेकर उनके खिलाफ महाभियोग लाने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति व्यापक आर्थिक परिणामों पर विचार किए बिना एकतरफा तरीके से टैरिफ लागू नहीं कर सकते। भारत और अन्य देशों पर लगाए गए टैरिफ का जिक्र करते हुए उन्होंने ट्रंप के व्यापार नीति संबंधी फैसलों की आलोचना की।

टैरिफ से बन रही अराजक व्यवस्था: थानेदार

थानेदार ने कहा कि भारत या दुनिया के किसी अन्य देश पर टैरिफ लगाने के मामले में ट्रंप का रवैया अराजक व्यवस्था पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा, "भारत या कहीं और, टैरिफ को लेकर उन्होंने जो किया है, उससे एक अराजक व्यवस्था बन रही है। वे सुबह उठते हैं और बिना ज्यादा सोचे-समझे, अपनी मर्जी से किसी पर भी टैरिफ थोप देते हैं। वे इस तरह से काम नहीं कर सकते।"

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का विकल्प खुला रखने की अपील

थानेदार ने चेतावनी दी कि यदि ट्रंप इसी तरह एकतरफा फैसले लेते रहे, तो डेमोक्रेट्स को उनके खिलाफ महाभियोग के विकल्प पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, "और अगर वे ऐसा करते हैं, तो डेमोक्रेट्स को इस पर विचार करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग का विकल्प खुला रहे।"

2028 में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति बनने का जताया भरोसा

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में मिशिगन के 13वें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले थानेदार ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत की संभावना जताई। उन्होंने कहा, "जिस तरह से चीजें चल रही हैं, 2028 में अमेरिका का अगला राष्ट्रपति एक डेमोक्रेट होगा। ट्रंप को यहां से एक साफ संदेश मिलना चाहिए कि वे एकतरफा फैसले नहीं ले सकते।"

मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका

थानेदार के ये बयान 2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिले बड़े राजनीतिक झटके के बीच आए हैं। अमेरिकी नेटवर्क के अनुमानों के मुताबिक, डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों पर नियंत्रण हासिल कर सकते हैं। इससे वाशिंगटन में राजनीतिक सत्ता का संतुलन बदलने की संभावना है।

डेमोक्रेट्स को बढ़त मिलने के पीछे बढ़ती जीवन-लागत, टैरिफ, ईरान युद्ध और ट्रंप प्रशासन को लेकर मतदाताओं की नाराजगी को प्रमुख कारण बताया गया है। कांग्रेस में बढ़ी ताकत से डेमोक्रेट्स को ट्रंप के कार्यकाल के बचे हुए दो वर्षों में उनकी नीतियों और प्रशासन की अधिक बारीकी से जांच करने का अवसर मिल सकता है।

H-1B वीजा और कुशल प्रवासियों पर थानेदार का जोर

भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं और आव्रजन नीतियों पर चुनाव के प्रभाव को लेकर थानेदार ने कहा कि अमेरिका की आर्थिक वृद्धि और तकनीकी नेतृत्व बनाए रखने के लिए विदेशी प्रतिभाओं की जरूरत है। उन्होंने विशेष रूप से H-1B वीजा और कुशल प्रवासियों से जुड़ी चिंताओं का जिक्र किया।

थानेदार ने कहा, "हमें, यानी अमेरिका को, कुशल कार्यबल की जरूरत है। अमेरिका में पर्याप्त संख्या में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, इंजीनियर और टेक्नोलॉजिस्ट तैयार नहीं हो पाते, इसलिए उसे आव्रजन पर निर्भर रहना पड़ता है। इसी तरह हम अमेरिकी अर्थव्यवस्था और GDP को बढ़ा सकते हैं, और नवाचार (इनोवेशन) में सबसे आगे बने रह सकते हैं।"

आर्थिक और विदेश नीति पर दोनों दलों से सहयोग की अपील

थानेदार ने बढ़ती कीमतों को कम करने और ईरान के साथ चल रहे विवाद को सुलझाने जैसे मुद्दों पर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन से मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों को महंगाई से राहत दिलाने के लिए दोनों दलों के बीच सहयोग जरूरी है।

उन्होंने कहा, "हमारी अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए दोनों दलों को मिलकर काम करना होगा। कीमतों को नीचे लाने के लिए भी दोनों दलों को साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा। इस युद्ध को खत्म करने और एक ऐसा समझौता करने के लिए भी दोनों दलों को मिलकर काम करना होगा, जिससे दोनों देशों को फायदा हो।"

चुनावी जीत के बाद अहंकार से बचने की सलाह

थानेदार ने डेमोक्रेट्स को आगाह किया कि चुनावी बढ़त को जनता का बिना शर्त समर्थन नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी को इस जनादेश के बाद निश्चिंत होकर बैठने के बजाय जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए मेहनत करनी होगी।

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि डेमोक्रेट्स को इस जनादेश को लेकर अहंकार में आना चाहिए। अमेरिकी जनता उनसे उम्मीद करती है कि वे कड़ी मेहनत करें और कीमतों को कम करने के लिए काम करें।"

अमेरिकी जनता को राजनीतिक टकराव नहीं, समाधान चाहिए

थानेदार ने कहा कि अमेरिकी मतदाता राजनीतिक टकराव और विधायी गतिरोध के बजाय ठोस समाधान और परिणाम चाहते हैं। उन्होंने कहा, "अमेरिकी लोग गतिरोध नहीं चाहते; वे समाधान और परिणाम चाहते हैं। अगले दो सालों तक वे यही उम्मीद करेंगे।"

उन्होंने डेमोक्रेट्स को यह भी चेतावनी दी कि यदि पार्टी अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहती है, तो मतदाता उसे भी जवाबदेह ठहराएंगे। थानेदार के मुताबिक, "अगर डेमोक्रेट्स अपने वादे पूरे नहीं कर पाते हैं, तो मतदाता दो साल बाद उन्हें भी उसी तरह सजा देंगे, जैसे उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को दी थी।"

भारत-अमेरिका संबंधों पर भी पड़ सकता है असर

2026 के मिडटर्म चुनावों के नतीजे अमेरिकी राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत देते हैं। डेमोक्रेट्स कांग्रेस में संभावित बहुमत का इस्तेमाल ट्रंप की नीतियों को चुनौती देने, उनके फैसलों की निगरानी करने और विधायी एजेंडे को प्रभावित करने के लिए कर सकते हैं।

इन राजनीतिक घटनाक्रमों का भारत-अमेरिका संबंधों पर भी असर पड़ने की संभावना है। खासकर व्यापार और आव्रजन जैसे मुद्दों पर अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का बढ़ता प्रभाव दोनों देशों से जुड़े नीतिगत फैसलों की दिशा को प्रभावित कर सकता है। (Source: ANI)

यह भी पढ़ें:   कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज घोटाला: ओडिशा और पश्चिम बंगाल में ईडी की 10 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी