तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अघराची ने

अमेरिकी नाकेबंदी पर ईरान का कड़ा संदेश, “उकसावे के गंभीर परिणाम होंगे”

Russia China support

तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अघराची ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना था कि इन 'उकसावे वाली कार्रवाइयों' के गंभीर परिणाम होंगे।

चीन से बातचीत में जताई नाराजगी

ईरान की सरकारी मीडिया 'इस्लामिक रिपब्लिक आफ ईरान ब्राडकास्टिंग' (आईआरआईबी) के अनुसार, अराघची ने बुधवार को यह बयान चीन के विदेशमंत्री वांग ई से टेलीफोन पर बातचीत में दिया।

तनाव खत्म करने के प्रयासों के बावजूद हालात गंभीर

उनका कहना था कि पश्चिम एशिया में शत्रुता पूरी तरह समाप्त करने के लिए कूटनीतिक वार्ताओं के बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।

होर्मुज और फारस की खाड़ी पर चिंता

आईआरआईबी द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि वांग ई के साथ बातचीत में अराघची ने हाल की ताजा घटनाओं का उल्लेख किया और चेतावनी जारी की कि होर्मुज जलमार्ग और फारस की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई क्षेत्र की अस्थिर स्थिति को और जटिल बना देगी।

अमेरिकी प्रस्ताव को बताया एकतरफा

उन्होंने सुरक्षा परिषद में अमेरिकी रुख की भी आलोचना की और कहा कि होर्मुज जलमार्ग पर उसका प्रस्ताव 'असंगत और एकतरफा है।'

चीन-रूस के समर्थन की सराहना

अराघची ने चीन और रूस द्वारा अमेरिकी नाकेबंदी का विरोध किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन दोनों देशों का यह रुख तनाव बढ़ने से रोकने में कारगर होगा।

अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर आपत्ति

ताजा घटनाक्रम के अनुसार, अघराची ने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति पर चिंता जताई है, जिसे ईरान अपनी संप्रभुता का उल्लंघन और 'समुद्री डकैती' मानता है।

यह भी पढ़े: होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान का सख्त रुख

https://www.primenewsnetwork.in/world/hormuz-strait-iran-takes-firm-stand/174758