ब्रिटेन के 59वें पीएम बने एंडी बर्नहम: 10 डाउनिंग

लंदन में एंडी बर्नहम बने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री, राजनीतिक बदलाव और 10 साल के सुधार प्लान का किया ऐलान

Andy Burnham Takes Charge as UK Prime Minister

लंदन (यूके)। ब्रिटेन में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता एंडी बर्नहम (56) ने देश के 59वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। बकिंघम पैलेस में निवर्तमान प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद किंग चार्ल्स तृतीय ने बर्नहम को सरकार बनाने का औपचारिक आमंत्रण दिया। ब्रिटेन की पारंपरिक 'किसिंग हैंड्स' (Kissing Hands) रस्म के साथ बर्नहम ने इस आमंत्रण को स्वीकार किया। इसके बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट से अपने पहले संबोधन में बर्नहम ने स्वीकार किया कि जनता राजनीतिक अस्थिरता से पूरी तरह तंग आ चुकी है। उन्होंने ब्रिटेन के लिए "सर्किट ब्रेकर" बनने का वादा करते हुए पिछले 40 वर्षों के सबसे बड़े व्यवस्थागत बदलावों का संकेत दिया है।

राजनीतिक स्थिरता बहाल करने का संकल्प

अपनी पत्नी मैरी-फ्रांस वैन हील के साथ 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर पहुंचे प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिटेन को दुनिया के सामने यह साबित करना होगा कि वह अपनी स्थिरता पुनः हासिल कर सकता है। उन्होंने स्वीकार किया कि "ब्रिटेन को दुनिया को यह दिखाने की जरूरत है कि हम एक बार फिर अपनी स्थिरता हासिल कर सकते हैं। राजनीति को सही ढंग से काम पर लगाना और इसे बेहतर बनाना ही हमारी असली चुनौती है। मैं जानता हूं कि देश की जनता राजनीति से तंग आ चुकी है।"

'राजनीति से ऊब चुकी है जनता', बदलाव की चुनौती पर सीधा संवाद

उन्होंने आगे कहा, "मैं इस बात से पूरी तरह वाकिफ हूं कि पिछले दस सालों में इस सड़क पर चलने वाला मैं छठा व्यक्ति हूं- 2016 के बाद से 7वां प्रधानमंत्री। यह समय आत्मचिंतन और नए संकल्प का है। इसके लिए मेरी पीढ़ी के राजनेताओं को अपने स्तर में सुधार करना होगा और इस नई चुनौती का सामना करने के लिए आगे आना होगा।" जनता के बीच फैले असंतोष पर सीधा संवाद स्थापित करते हुए पीएम ने कहा, "मैं जानता हूं कि लोग राजनीति से ऊब चुके हैं। मैं आपकी बात सुन रहा हूं और आपसे ईमानदार रहना चाहता हूं- हम अब तक पर्याप्त रूप से अच्छे साबित नहीं हुए हैं और हमें अब बेहतर होना होगा।"

1980 के दशक के आर्थिक व राजनीतिक मॉडल को खारिज करने का ऐलान

एंडी बर्नहम के भाषण का मुख्य केंद्र 1980 के दशक से ब्रिटेन में चले आ रहे आर्थिक और राजनीतिक ढर्रे को खारिज करना रहा। मेट्रो मेयर के रूप में अपने प्रशासनिक अनुभव का हवाला देते हुए उन्होंने लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर के अत्यधिक केंद्रीकृत मॉडल को बदलने की बात कही। बर्नहम ने कहा, "एक नया राजनीतिक मॉडल और एक नया आर्थिक मॉडल। 1980 के दशक में ब्रिटेन ने कुछ गलत मोड़ लिए थे। राजनीतिक सत्ता को केंद्रित कर दिया गया, आर्थिक शक्ति का निजीकरण हुआ और देश के बड़े हिस्से वि-औद्योगीकृत (deindustrialised) हो गए, जो आज तक नहीं उबर पाए हैं, इसीलिए हम राजनीति में बदलाव लाएंगे, ताकि इसे राजनीतिक स्कोर बनाने के बजाय अधिक सहयोगात्मक और समस्या-समाधान पर केंद्रित बनाया जा सके।"

उन्होंने कसम खाई कि वे "सत्ता को वेस्टमिंस्टर से निकालकर देश के हर पोस्टकोड तक ले जाएंगे।" उनका लक्ष्य जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को मजबूत सार्वजनिक नियंत्रण में लाना है ताकि उन्हें आम जनता के लिए किफायती बनाया जा सके।

10-वर्षीय राष्ट्रीय योजना का रोडमैप और तत्काल राहत का वादा

हालांकि प्रधानमंत्री बर्नहम ने घोषणा की कि वे इस वर्ष के अंत में राष्ट्रीय पुनरुद्धार के लिए 10-वर्षीय सर्वदलीय योजना (10-Year Plan) की रूपरेखा जारी करेंगे, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवन-यापन के संकट से जूझ रही जनता को तुरंत राहत दी जाएगी। बर्नहम ने वादा करते हुए कहा, "इस साल के अंत में, मैं ब्रिटेन के लिए एक नया 10-वर्षीय प्लान लाऊंगा जो एक स्पष्ट रास्ता तय करेगा कि हम कहां हैं और हम ब्रिटेन को कहां देखना चाहते हैं—चाहे हमारी पृष्ठभूमि कुछ भी हो या हम किसी भी पार्टी का समर्थन करते हों। लेकिन मैं लोगों को अभी राहत देने और जीवन-यापन के खर्च में मदद करने के लिए तत्काल कदम उठा सकता हूं।" उन्होंने पुष्टि की कि इन आपातकालीन उपायों और उनके लिए आवश्यक फंड की व्यवस्था से जुड़े विवरण कल से सार्वजनिक किए जाएंगे।

वित्तीय जिम्मेदारी के साथ राजकोषीय और रक्षा नियमों का पालन

बर्नहम ने जोर देकर कहा कि आने वाले आर्थिक बदलाव पूरी तरह से वित्तीय रूप से जिम्मेदार (fiscally responsible) होंगे। उन्होंने कहा, "कल्याणकारी योजनाओं के बिल को कम करने, हमारे राजकोषीय नियमों को पूरा करने और हमारे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के प्रति रक्षा प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का यही एकमात्र निष्पक्ष और टिकाऊ तरीका है।"

'प्रिवेंटिव स्टेट' और युवाओं के लिए लक्षित जनसेवा सुधार

दीर्घकालिक जनसेवा सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, नए प्रधानमंत्री ने 'प्रिवेंटिव स्टेट' (Preventative State) की वकालत की। इसके तहत सामाजिक विफलताओं को ठीक करने में धन खर्च करने के बजाय व्यक्तिगत सफलता और रोकथाम में निवेश करने पर जोर दिया जाएगा। अपनी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने युवा पीढ़ी के लिए लक्षित सुधारों का संकल्प लिया। शिक्षा प्रणाली को नया रूप देकर और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाकर युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। बर्नहम ने अपने संबोधन का अंत करते हुए कहा, "यह काम अब शुरू होता है।" ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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