नेतन्याहू के झूठ का साथ देना बंद करें: अरब गठबंधन 'जॉइंट लिस्ट' ने आरोपों को बताया नस्लवादी
यरूशलेम (इजरायल)। इजरायल के अरब राजनीतिक गठबंधन 'जॉइंट लिस्ट' ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और दक्षिणपंथी गुटों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गठबंधन का कहना है कि वे नेसेट यानी इजरायली संसद चुनावों की वैधता को कमजोर करने के लिए एक सुनियोजित अभियान चला रहे हैं। 'जॉइंट लिस्ट' ने विपक्षी नेताओं से अपील की है कि वे चुनावी धांधली और विदेशी हस्तक्षेप के उन झूठे आरोपों का समर्थन करना बंद करें, जिन्हें उसने पूरी तरह से नस्लवादी करार दिया है। एक्स पर एक पोस्ट में गठबंधन ने कहा कि इन आरोपों का मुख्य मकसद चुनाव के ऐतिहासिक नतीजों के बाद उनके राजनीतिक प्रभाव को कमजोर करना है।
चुनावी धांधली के दावों को केंद्रीय चुनाव समिति ने बताया आधारहीन
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में हुए नेसेट चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप के संदेह की जांच चल रही है। हालांकि, केंद्रीय चुनाव समिति के कार्यवाहक महानिदेशक डीन लिवने ने बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि मतदान पूरी तरह से कानूनी और पारदर्शी तरीके से हुआ था। उन्होंने एक सांसद को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि व्यवस्थित नियमों के उल्लंघन के आरोपों का समर्थन करने वाला कोई भी पुख्ता सबूत नहीं मिला है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस विवाद को एक बड़ा भूकंप करार दिया है और दावा किया है कि विदेशी ताकतों ने अरब पार्टियों के पक्ष में चुनावों को प्रभावित किया है।
खुफिया जांच और कतर का चुनावों में हस्तक्षेप से इनकार
केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष जस्टिस नोम सोहलबर्ग ने इजरायली खुफिया एजेंसी 'शिन बेट' के प्रमुख को कथित फंडिंग और विदेशी हस्तक्षेप के संदेह की जांच के निर्देश दिए हैं और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। इस बीच, अरब राजनीतिक नेताओं ने विदेशी फंडिंग से किसी भी तरह के संबंध को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। इसके अलावा, कतर ने भी इजरायली चुनावों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप के दावों का कड़ा खंडन करते हुए कहा है कि कुछ इजरायली राजनेता अपने घरेलू राजनीतिक स्वार्थों और विफलताओं को छिपाने के लिए कतर के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। (Source: ANI)
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