न्यूयार्क। भारतीय मूल की वरिष्ठ टेक लीडर आशा शर्मा

भारतीय मूल की आशा शर्मा को मिली माइक्रोसाफ्ट गेमिंग सीईओ की कमान

Executive Vice President

न्यूयार्क। भारतीय मूल की वरिष्ठ टेक लीडर आशा शर्मा ने अमेरिका में देश का परचम लहराया है। आशा शर्मा को माइक्रोसाफ्ट का नया गेमिंग CEO और कार्यकारी उपाध्यक्ष (EVP) नियुक्त किया गया है।आशा शर्मा फिल स्पेंसर का स्थान लेंगी जो लगभग 40 साल बाद रिटायर हो रहे हैं। सुश्री शर्मा इस नियुक्ति के साथ ही वैश्विक कंपनियों के शीर्ष पदों पर आसीन भारतीय मूल की हस्तियों की बढ़ती सूची में शामिल हो गई हैं। आशा शर्मा सीधे सत्या नडेला को रिपोर्ट करेंगी और Xbox तथा गेमिंग डिवीजन का नेतृत्व करेंगी। आशा शर्मा की नियुक्ति से वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभा को न सिर्फ नयी पहचान मिली है, बल्कि तकनीकी नेतृत्व में महिलाओं की सशक्त उपस्थिति का भी प्रतीक है। माइक्रोसाफ्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्य नडेला ने इस नियुक्ति की घोषणा की। सत्य नडेला ने कहा कि मैं गेमिंग और हमारे कंज्यूमर विजन के सेंटर में आशा की भूमिका को लेकर बेहद आशावादी हूं। उन्होंने कहा, सुश्री शर्मा ने माइक्रोसॉफ्ट में अपने पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में, और इससे पहले इंस्टाकार्ट में मुख्य परिचालन अधिकारी और मेटा में उपाध्यक्ष के रूप में, अरबों लोगों तक पहुंचने वाली सेवाओं के निर्माण और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, साथ ही फलते-फूलते उपभोक्ता और डेवलपर इकोसिस्टम को भी समर्थन दिया है। इससे पहले वे इंस्टाकार्ट में मुख्य परिचालन अधिकारी और मेटा में उपाध्यक्ष के पद पर रह चुकी हैं।

आशा शर्मा बनी Microsoft गेमिंग CEO 

आशा शर्मा माइक्रोसाफ्ट गेमिंग का नेतृत्व कर रहे फिल स्पेंसर का स्थान लेंगी। उन्होंने टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट और ऑपरेशन के क्षेत्र में लगभग 15 साल तक लीडरशिप रोल्स पर काम किया है। उन्होंने मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के कार्लसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से पढ़ाई की है। उन्होंने साल 2011 में माइक्रोसॉफ्ट के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। आशा शर्मा ने गेमिंग के नए दौर की कमान मिलने पर अपने संदेश में कहा, वे विनम्रता के साथ यह जिम्मेदारी संभाल रही हैं। विनम्रता इसलिए क्योंकि इस टीम ने दशकों में कुछ असाधारण बनाया है और तत्परता इसलिए क्योंकि गेमिंग उद्योग तीव्र बदलाव के दौर में है। हमें स्पष्टता व दृढ़ता से आगे बढ़ना होगा। माइक्रोसाफ्ट की गेमिंग विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी की जड़ें शुरुआत से ही गेमिंग से जुड़ी रही हैं। आशा शर्मा ने एक मैसेज में कहा है, 'हम अपने Xbox फैन्स और प्लेयर्स के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएंगे, जिन्होंने पिछले 25 साल में हमारे साथ निवेश किया है।गेमिंग अब किसी एक हार्डवेयर का हिस्सा नहीं बल्कि ये कई डिवाइसेस पर पहुंच चुकी है।' मालूम हो कि माइक्रोसाफ्ट का प्रसिद्ध गेम "माइक्रोसाफ्ट फ्लाइट सिम्युलेटर" विंडोज से पहले लांच हुआ था और 1990 के दशक में विकसित डायरेक्टएक्स तकनीक से आज के उन्नत कंप्यूटिंग युग तक इसकी मजबूत यात्रा रही है। आशा शर्मा ने स्पष्ट किया कि बदलते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नए मोनेटाइजेशन माडल महत्वपूर्ण होंगे, लेकिन माइक्रोसाफ्ट अल्पकालिक लाभके लिए रचनात्मकता से समझौता नहीं करेगा। आशा शर्मा मिनेसोटा विश्वविद्यालय के कार्लसन स्कूल आफ मैनेजमेंट से बिजनेस में स्नातक हैं। वे उन भारतीय मूल के नेताओं की सूची में शामिल हो गई हैं जिन्होंने वैश्विक कंपनियों का नेतृत्व संभाला है, जिनमें सुंदर पिचाई, शांतनु नारायण और निकेश अरोड़ा शामिल हैं।

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