आसिफ मर्चेंट दोषी करार, आजीवन कारावास संभव
न्यूयार्क। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य अधिकारियों की हत्या की ईरानी अधिकारियों से मिलकर साजिश रचने के आरोप में ब्रूकलिन की अदालत ने पाकिस्तानी नागरिक आसिफ रजा मर्चेंट को दोषी ठहराया है। फेडरल डिस्ट्रिकट अदालत ने उसे आतंकवाद और हत्या की सुपारी लेने का दोषी ठहराया है। मर्चेंट को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
अभियोजकों के मुताबिक, ईरान से संबंध रखने वाले इस व्यक्ति ने यह साजिश अमेरिकी सेना द्वारा रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या के प्रतिशोध में रची थी। मर्चेंट को 12 जुलाई 2024 को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह अमेरिका छोड़कर जाने की योजना बना रहा था।
उल्लेखनीय है कि ईरान के विदेशी सैन्य अभियानों के प्रमुख रहे कासिम सुलेमानी की जनवरी 2020 में बगदाद में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद से ईरानी अधिकारी लगातार उनकी हत्या का बदला लेने की चेतावनी देते रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, आसिफ रजा मर्चेंट ने अमेरिका में किसी राजनेता या सरकारी अधिकारी की हत्या के लिए एक 'सुपारी किलर' को हायर करने की कोशिश की थी। यह मामला न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित संघीय अदालत में चला, जहां इस साजिश से जुड़े पुख्ता सबूत पेश किए गए।
अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मर्चेंट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) का एक प्रशिक्षित सदस्य है और उसने मुकदमे के दौरान स्वीकार किया कि 2024 में आईआरजीसी ने उसे इन राजनीतिक हत्याओं को अंजाम देने के इरादे से अमेरिका भेजा था।
उसने कहा कि संभावित लक्ष्यों में ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति जोसेफ बाइडन और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली शामिल थे और मर्चेंट ने कहा था कि उसे लगता था कि 'निशाना ट्रंप थे'। मर्चेंट अप्रैल 2024 में अमेरिका पहुंचा था और वह जून में न्यूयॉर्क में कथित हत्यारों से मिला था जो अमेरिकी कानून प्रवर्तन के गुप्त अधिकारी थे। हालांकि जुलाई 2024 में देश छोड़ने से पहले उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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