पाकिस्तान के कोहाट पुलिस लाइन्स में आत्मघाती और आतंकी हमला, 21 लोगों की मौत और 80 से अधिक घायल
खैबर पख्तूनख्वा (पाकिस्तान)। पाकिस्तान के कोहाट पुलिस लाइन्स में शुक्रवार को एक मस्जिद के पास विस्फोटक से भरी गाड़ी में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आतंकवादियों ने परिसर में घुसकर पुलिस ठिकानों पर हमला बोल दिया। इस भीषण घटना में 15 पुलिस अधिकारियों समेत कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है। डॉन अखबार ने कानून लागू करने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि टीवी फुटेज में लोग एक ऐसी इमारत के पास जमा दिखे जिसकी दीवार गिर गई थी और वे मलबे को हटाकर घायलों की मदद कर रहे थे। इस हमले की जिम्मेदारी हाफिज़ गुल बहादुर के नेतृत्व वाले एक आतंकी संगठन ने ली है।
80 से अधिक लोग घायल, गंभीर रूप से तीन अस्पताल में भर्ती
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नासिर हसन अफरीदी ने डॉन से बातचीत में हताहतों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि इस हमले में 80 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें से तीन घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। खैबर पख्तूनख्वा (KP) के इंस्पेक्टर जनरल (IG) ज़ुल्फिकार हमीद ने बताया कि शुरुआत में गाड़ी में सवार एक आत्मघाती हमलावर ने इमारत के गेट पर टक्कर मारी, जिसके बाद कई हमलावर काउंटर टेररिज़्म डिपार्टमेंट (CTD) की इमारत की ओर बढ़े, जहाँ वे मारे गए। लगभग तीन अन्य हमलावर विशेष शाखा की इमारत की ओर आगे बढ़े थे।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह आतंकवादी ढेर
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, आईजी हमीद के शुरुआती बयान में कहा गया कि धमाका कोहाट पुलिस लाइन्स की एक मस्जिद में हुआ था और शुरुआती रिपोर्टों से पता चला कि विस्फोटक से भरी गाड़ी को इमारत से टकराया गया था। इसके बाद कम से कम सात हमलावर परिसर में घुस गए और सीटीडी तथा स्पेशल ब्रांच के ठिकानों की ओर बढ़े। पुलिस के बयान के अनुसार, सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए छह हमलावरों को मार गिराया, जिसमें एक आत्मघाती हमलावर भी शामिल था। इसके बाद बचे हुए कम से कम एक हमलावर को घेर लिया गया और पुलिस बलों द्वारा क्लीयरेंस ऑपरेशन शुरू किया गया, जो दोपहर करीब 3:30 बजे अपने अंतिम चरण में था।
आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन जारी रखने का संकल्प
आईजी ने स्पष्ट किया कि फित्ना-उल-खवारिज के पूरी तरह खत्म होने तक सुरक्षा बलों का यह ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस कठिन परिस्थिति में भी पुलिस का मनोबल पूरी तरह ऊंचा बना हुआ है। फित्ना-अल-खवारिज वह शब्द है जिसका उपयोग पाकिस्तानी सरकार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) संगठन से जुड़े आतंकवादियों के लिए करती है। इस बीच, केपी के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस पूरे घटनाक्रम की एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उनके कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना बेहद दुखद और अस्वीकार्य है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के तुरंत और बेहतर इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश देते हुए कहा कि आतंकवाद की इस तरह की कायराना हरकतों से देश का मनोबल नहीं गिराया जा सकता। (Source: ANI)
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