बलूचिस्तान के नुश्की और खारान में सेना पर हमले। BR

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर कई हमले, BRG का 12 सैनिकों को मारने और मिलिट्री कैंप पर कब्जे का दावा

Attack on Pak Army in Balochistan, 12 Soldiers Killed: BRG Claim

बलूचिस्तान (पाकिस्तान): बलूचिस्तान के नुश्की और खारान जिलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर नए हमले हुए हैं। इस बीच, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने कच्छी जिले में एक सैन्य कैंप पर कब्जा करने और 12 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा किया है। वहीं, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने अक्टूबर के दौरान पूरे बलूचिस्तान में 25 सैन्य ऑपरेशन करने की बात कही है। द बलूचिस्तान पोस्ट (TBP) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हथियारबंद लड़ाकों ने सोमवार को नुश्की के अहमद वाल इलाके में पैदल और वाहनों से जा रहे सुरक्षा बलों को निशाना बनाया। इस हमले में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। यह हमला उस घटना के तीन दिन बाद हुआ, जब कथित तौर पर इसी इलाके में एक सैन्य काफिले को निशाना बनाया गया था। खारान में एक अन्य घटना में सुरक्षा बलों के वाहन में विस्फोट हुआ। वहीं, स्थानीय स्तर पर बिछाई गई बारूदी सुरंगों के कारण इलाके में सैन्य गतिविधियां प्रभावित होने की बात कही गई है। यह हमला रविवार को खारान के लिजय इलाके में हुई भीषण झड़पों के बाद हुआ। TBP की ओर से बताए गए स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एक सैन्य वाहन को निशाना बनाकर किए गए विस्फोट और उसके बाद हुई गोलीबारी में आठ सुरक्षाकर्मी मारे गए या घायल हुए। झड़प के दौरान एक क्वाडकॉप्टर को भी मार गिराए जाने की खबर है। रिपोर्ट में इलाके में ड्रोन से मिसाइल हमला किए जाने का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, इसके निशाने, हताहतों या नुकसान के बारे में तत्काल कोई जानकारी सामने नहीं आई।

पुलिस स्टेशन को विस्फोटकों से उड़ाने का दावा

TBP के मुताबिक, रविवार को लड़ाकों ने खारान में मुस्कान कलात पुलिस स्टेशन को विस्फोटकों से तबाह कर दिया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। नुश्की और खारान में हुए नए हमलों पर सैन्य अधिकारियों ने कोई टिप्पणी नहीं की थी। वहीं, रिपोर्ट लिखे जाने तक किसी भी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली थी। TBP ने बताया कि रविवार को केच जिले के दश्त, शोली बाजार, फ्रंट बाजार और सियाजी के पहाड़ी इलाकों में सैन्य अभियान जारी रहा। शनिवार को शुरू किए गए इस ऑपरेशन में कथित तौर पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी शामिल थे और तोपखाने का भी इस्तेमाल किया गया। प्रकाशन की ओर से बताए गए सूत्रों के अनुसार, स्थानीय हथियारबंद समूहों के सदस्य, जिन्हें सरकार समर्थित 'डेथ स्क्वॉड' बताया गया है, भी पाकिस्तानी सेना के साथ इस अभियान में शामिल थे।

BRG ने सैन्य कैंप पर कब्जे और 12 सैनिकों को मारने का किया दावा

इस बीच, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने रविवार सुबह कच्छी जिले के सन्नी में स्थित मुख्य पाकिस्तानी सैन्य कैंप पर हमले की जिम्मेदारी ली। संगठन ने दावा किया कि लगातार हमलों के बाद उसके लड़ाकों ने कैंप परिसर पर कब्जा कर लिया। TBP को दिए गए एक बयान में BRG के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने दावा किया कि लड़ाकों ने कैंप पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया और 12 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को मार गिराया। उनके मुताबिक, बाकी सैनिक इलाके से भाग गए। प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि अभियान के दौरान सन्नी शहर, वहां का पुलिस स्टेशन और सरकारी इमारतें भी संगठन के नियंत्रण में आ गईं। दोस्तैन बलूच के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने मारे गए और घायल जवानों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए। वहीं, इलाके की ओर बढ़ रहे सैन्य काफिलों पर BRG लड़ाकों ने घात लगाकर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि गनशिप हेलीकॉप्टरों से मदद मिलने के बावजूद राहत के लिए भेजे गए सैनिकों को पीछे हटना पड़ा।

पंजाब में गैस पाइपलाइन पर हमले की जिम्मेदारी ली

BRG ने रविवार रात पंजाब के रहीम यार खान जिले में बाला चौक के पास गैस पाइपलाइन पर हुए विस्फोट की भी जिम्मेदारी ली। सोमवार को जारी बयान में दोस्तैन बलूच ने कहा कि बलूचिस्तान के डेरा बुगती जिले के सुई से पंजाब तक गैस पहुंचाने वाली 36 इंच की पाइपलाइन पर विस्फोटक लगाए गए थे। संगठन ने दावा किया कि विस्फोट से पाइपलाइन को काफी नुकसान पहुंचा। इसके अलावा, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने अक्टूबर के दौरान पूरे बलूचिस्तान में 25 ऑपरेशन करने का दावा किया है। संगठन के मुताबिक, इन अभियानों में 129 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया कर्मी मारे गए, जबकि 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए। रविवार को जारी संगठन की मासिक रिपोर्ट में BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच ने कहा कि इन आंकड़ों में ग्वादर में चलाए गए 'ऑपरेशन अल्मास' के दौरान हुए नुकसान भी शामिल हैं। संगठन ने दावा किया कि इस अभियान में 80 से अधिक सैन्य और खुफिया कर्मी मारे गए और दर्जनों घायल हुए। BLF ने आगे दावा किया कि ग्वादर ऑपरेशन के दौरान सैन्य बैरक, खुफिया कार्यालय और बख्तरबंद वाहन तबाह किए गए, जबकि एक पुलिस स्टेशन पर कब्जा कर लिया गया। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने पहले कहा था कि ग्वादर शहर और गबद बॉर्डर क्रॉसिंग के पास हुए हमलों में एक महिला समेत 10 हमलावर मारे गए। सेना ने यह भी दावा किया था कि उसके किसी भी जवान को नुकसान नहीं पहुंचा।

BLF ने सैन्य ठिकानों और काफिलों पर हमलों का ब्योरा दिया

अक्टूबर के अपने आकलन में BLF ने सात सैन्य चौकियों, छह कैंपों, दो खुफिया कार्यालयों और 11 सैन्य काफिलों पर हमले करने का दावा किया। संगठन ने तीन हाईवे बंद करने की बात भी कही। इसके अलावा, BLF ने 14 सैन्य वाहनों, दो निगरानी ड्रोन, पांच क्वाडकॉप्टर, एक निगरानी कैमरे और एक मोबाइल टावर को नष्ट करने का दावा किया। संगठन ने 15 वाणिज्यिक ट्रेलर और ट्रकों को भी नष्ट करने की जिम्मेदारी ली। इन वाहनों पर सरकारी परियोजनाओं को सहयोग देने का आरोप लगाया गया था। इसके साथ ही एक सरकारी वाहन जब्त करने का भी दावा किया गया। BLF की मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 'ऑपरेशन अल्मास' के दौरान उसके आठ लड़ाके मारे गए, जबकि अक्टूबर में दूसरे मोर्चों पर 23 अन्य लड़ाकों की मौत हुई। TBP की रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, BRG और BLF की ओर से सैन्य हताहतों, क्षेत्रीय नियंत्रण और नुकसान की सीमा को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

(ANI)

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