बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 5 घंटे की पैरोल
ढाका (बांग्लादेश)। बांग्लादेश की जेल में बंद हिंदू अधिकार कार्यकर्ता और संत चिन्मय कृष्ण दास को अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पांच घंटे की पैरोल दी गई है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, उनकी 70 वर्षीय मां संध्या रानी धर का गुरुवार सुबह हथजारी के एक अस्पताल में निधन हो गया। मां के निधन के बाद परिवार की ओर से किए गए आवेदन पर चटगांव के जिला उपायुक्त ने चिन्मय कृष्ण दास को पांच घंटे के लिए पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया।
70 वर्षीय मां संध्या रानी धर का निधन
चिन्मय कृष्ण दास की 70 वर्षीय मां संध्या रानी धर का हथजारी स्थित एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार सुबह उनका निधन हो गया। इसके बाद दास के परिवार की ओर से उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति देने के लिए आवेदन किया गया था।
देशद्रोह के आरोप में नवंबर 2024 में हुई थी गिरफ्तारी
हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को नवंबर 2024 में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप लगाया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे और सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था।
कानून के अनुसार दी गई पांच घंटे की पैरोल
‘द डेली स्टार’ की खबर के अनुसार, चटगांव के जिला उपायुक्त मोहम्मद जाहिदुल इस्लाम ने बृहस्पतिवार दोपहर दास को पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मां के निधन के बाद दास के भाई की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर हमने कानून के अनुसार चिन्मय कृष्ण को पांच घंटे के लिए पैरोल पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।’’
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