बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली खुजदार हमले की जिम्मेदारी
बलूचिस्तान [पाकिस्तान]: बलूचिस्तान पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बुधवार को खुजदार में शफीक-उर-रहमान मेंगल के परिसर के पास हुए हमले की जिम्मेदारी ली है और आरोप लगाया है कि इस ऑपरेशन में एक पुलिस अधिकारी सहित पांच लोग मारे गए।
मेंगल के ठिकाने को निशाना बनाने का दावा
समाचार रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलूच ने बताया कि समूह के लड़ाकों ने अरंजी, वध के अवाक क्षेत्र में मेंगल के एक "महत्वपूर्ण और सक्रिय ठिकाने" को निशाना बनाया। बीएलए ने दावा किया कि घटनास्थल पर मौजूद सभी पांच हथियारबंद लोग एक कथित "डेथ स्क्वाड" से जुड़े थे। समूह ने आगे दावा किया कि हमले के बाद उसके लड़ाकों ने हथियार और अन्य सैन्य उपकरण जब्त कर लिए।
मृतकों की पहचान बताई
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, बीएलए ने मृतकों की पहचान अब्दुल हयी, नैमतुल्लाह, याह्या, नसीर अहमद और नूरा मोहम्मद जैई के रूप में की है। समूह ने नूरा मोहम्मद जैई, जिसे पुलिस अधिकारी बताया गया है, पर सरकारी वर्दी की आड़ में कथित "डेथ स्क्वाड" के लिए काम करने का आरोप लगाया है।
‘ऑपरेशन मार्ग-ए-गद्दारन’ का हिस्सा बताया
बीएलए ने इस हमले को अपने “ऑपरेशन मार्ग-ए-गद्दारन” का हिस्सा बताया, जिसकी घोषणा उसने इस साल की शुरुआत में उन व्यक्तियों और सशस्त्र समूहों के खिलाफ की थी जिन पर वह राज्य संरक्षण में काम करने का आरोप लगाता है। प्रवक्ता ने 8 जुलाई को खुजदार में मेंगल के मुख्य परिसर पर बीएलए के मजीद ब्रिगेड द्वारा किए गए हमले का भी जिक्र किया। रिपोर्ट में दिए गए दावे के अनुसार, उस हमले में मेंगल के 34 सहयोगी मारे गए थे, जबकि मेंगल बुलेटप्रूफ वाहन में भाग निकला था। बीएलए ने कहा कि “ऑपरेशन मार्ग-ए-गद्दारन” के तहत वह उन लोगों और उनके गुर्गों को निशाना बनाना जारी रखेगा जिन्हें वह “गद्दार” कहता है। संगठन ने दावा किया कि उसकी सैन्य इकाइयां उनके कथित गुप्त ठिकानों को नष्ट करने में लगातार सक्रिय हैं।
कथित ‘डेथ स्क्वाड’ से अलग होने की चेतावनी
समूह ने मेंगल या अन्य कथित “मौत के दस्तों” से जुड़े लोगों को अंतिम चेतावनी भी जारी की। उसने उनसे संबंध तोड़ने, किसी भी प्रकार का खुफिया या सैन्य सहयोग समाप्त करने और नागरिक जीवन में लौटने का आह्वान किया। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान लायबिलिटी एजेंसी (बीएलए) ने कहा कि ऐसे संगठनों से अलग होने वाले व्यक्तियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। हालांकि, उसने चेतावनी दी कि जो कोई भी मेंगल को सूचना या सहायता देना जारी रखेगा, उसे समूह द्वारा "देशद्रोही" माना जाएगा और सीधे तौर पर निशाना बनाया जाएगा।
‘पूरी तीव्रता’ से अभियान जारी रखने का दावा
बीएलए ने आगे कहा कि "ऑपरेशन मार्ग-ए-गद्दारन" तब तक "पूरी तीव्रता और ताकत" के साथ जारी रहेगा, जब तक कि समूह के शब्दों में, बलूचिस्तान "देशद्रोहियों से पूरी तरह मुक्त" नहीं हो जाता।
(एएनआई)
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