बलूचिस्तान में ब्राहुई कवि और प्रोफेसर ग़मख्वार हयात की गोली मारकर हत्या
क्वेटा (बलूचिस्तान)। बलूचिस्तान के नोशकी जिले में ब्राहुई भाषा के प्रसिद्ध कवि, लेखक और शिक्षाविद् प्रोफेसर ग़मख्वार हयात की उनके आवास के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई है। 'बलूचिस्तान पोस्ट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस हत्या ने मानवाधिकार संगठनों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और साहित्यिक हलकों में आक्रोश पैदा कर दिया है। वे इस घटना को प्रांत में बिगड़ती सुरक्षा और मानवाधिकार स्थिति से जोड़ रहे है।
सरकार समर्थित नेटवर्क से जुड़े थे हमलावर
'बलूचिस्तान पोस्ट' के मुताबिक स्थानीय सूत्रों ने बताया कि अज्ञात बंदूकधारियों ने हयात पर उनके घर के पास किल्ली मेंगल इलाके में गोलीबारी की। हमलावर कथित तौर पर सरकार समर्थित सशस्त्र नेटवर्क से जुड़े थे जिसे क्षेत्र में आमतौर पर 'मौत का दस्ता' कहा जाता है। खबर लिखे जाने तक इस संबंध में गिरफ्तारी या जिम्मेदारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
20 से ज्यादा किताबें लिखीं
बता दें कि प्रोफेसर हयात का असली नाम मोहम्मद खान था। वह नोश्की के सरकारी बॉयज़ डिग्री कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे। प्रोफेसर हयात ने लगभग 20 पुस्तकें लिखीं और कवि, अनुवादक, कथाकार और निबंधकार के रूप में ख्याति अर्जित की। उन्होंने रसकोह अदबी दीवान और होतान संस्कृति अकादमी सहित साहित्यिक संगठनों के माध्यम से ब्राहुई संस्कृति को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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