महिला शिकायतकर्ताओं में भी इस्लामाबाद 496 दर्ज मा

पाकिस्तान में कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न के मामले तेजी से बढ़े

इस्लामाबाद ( पाकिस्तान )। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।  खबर के मुताबिक, उत्पीड़न से सुरक्षा के लिए संघीय लोकपाल (एफओएसपीएएच) से मिले रिकॉर्ड से पता चलता है कि रिपोर्टिंग अवधि के दौरान कार्यस्थल पर उत्पीड़न की 1,290 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 769 शिकायतें महिलाओं द्वारा और 521 पुरुषों द्वारा दर्ज की गईं, यानी सभी दर्ज मामलों में पुरुष शिकायतकर्ताओं की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है।

इस्लामाबाद 496 दर्ज मामलों के साथ सूची में सबसे ऊपर

आंकड़ों से पता चलता है कि इस्लामाबाद में पुरुषों की ओर से सबसे अधिक 231 शिकायतें दर्ज की गईं। इसके बाद पंजाब में 222 शिकायतें, पेशावर में 42 मामले, कराची में 24 शिकायतें और बलूचिस्तान में केवल दो शिकायतें दर्ज की गईं। महिला शिकायतकर्ताओं में भी इस्लामाबाद 496 दर्ज मामलों के साथ सूची में सबसे ऊपर रहा, उसके बाद पंजाब 154 शिकायतों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इन क्षेत्रों में मामलों की अधिकता ने कार्यस्थल के माहौल और निवारक उपायों की प्रभावशीलता को लेकर बनी चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। आधिकारिक आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि एफओएसपीएचएएच ने वर्ष के दौरान प्राप्त 1,290 शिकायतों में से 1,104 शिकायतों पर कार्रवाई की और उनका निपटारा किया, जो उच्च निपटारे दर को दर्शाता है।

इस्लामाबाद में अधिक होने का कारण जागरूकता

अधिकारियों ने इस्लामाबाद में शिकायतों की अपेक्षाकृत अधिक संख्या का कारण संस्था और न्याय की मांग करने वाले पीड़ितों के लिए उपलब्ध कानूनी रास्तों के बारे में अधिक जन जागरूकता को बताया। उन्होंने कहा कि जागरूकता की पहलों ने अधिक कर्मचारियों को चुप रहने के बजाय घटनाओं की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया है, जैसा कि द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने उद्धृत किया है। एफओएसपीएचएएच के अधिकारियों ने कहा कि संघीय लोकपाल फौजिया वकार के नेतृत्व में संस्था ने कर्मचारियों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में सूचित करने के उद्देश्य से राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान जारी रखे हैं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, इन अभियानों का उद्देश्य कार्यस्थल पर उत्पीड़न का सामना करने वाली महिलाओं, पुरुषों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को कानूनी निवारण के लिए लोकपाल से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित करना है। (एएनआई)

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