दक्षिण प्रशांत में चीन का बड़ा मिसाइल परीक्षण, परमाणु पनडुब्बी से दागी बैलिस्टिक मिसाइल
हांगकांग: चीन ने 6 जुलाई को परमाणु-संचालित पनडुब्बी से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। मिसाइल दक्षिण प्रशांत महासागर में जाकर गिरी। इस परीक्षण ने क्षेत्रीय देशों की चिंता बढ़ा दी है और चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहली बार खुले समुद्र में किया ऐसा परीक्षण
रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) की किसी पनडुब्बी ने खुले अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में लगभग अपनी पूरी मारक क्षमता के साथ बैलिस्टिक मिसाइल दागी। बताया गया कि मिसाइल उत्तरी फिलींस, लूजोन जलडमरूमध्य, पलाऊ और गुआम के पास से गुजरते हुए करीब 7,300 किलोमीटर की दूरी तय कर दक्षिण प्रशांत महासागर में गिरी।
चीन ने बताया नियमित सैन्य अभ्यास
पीएलए के प्रवक्ता सीनियर कैप्टन वांग ज़ुमेंग ने कहा कि यह नकली वारहेड वाली रणनीतिक मिसाइल का नियमित सैन्य प्रशिक्षण था। उन्होंने दावा किया कि परीक्षण अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप था और पहले से संबंधित देशों को इसकी सूचना दी गई थी। साथ ही कहा कि यह किसी विशेष देश को निशाना बनाकर नहीं किया गया।
पारदर्शिता पर उठे सवाल
हालांकि कई रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चीन ने मिसाइल परीक्षण की सूचना पर्याप्त और पारदर्शी तरीके से साझा नहीं की। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने केवल सीमित देशों को जानकारी दी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मिसाइल के प्रकार, सटीक मार्ग और अन्य आवश्यक विवरण साझा नहीं किए।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
अमेरिका स्थित सीएनए कॉर्पोरेशन के विश्लेषक डेकर एवलेथ का मानना है कि यह परीक्षण चीन की समुद्र-आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम की तैयारी का हिस्सा हो सकता है। वहीं कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के वरिष्ठ फेलो टोंग झाओ ने कहा कि यह किसी नई मिसाइल के विकासात्मक परीक्षण की बजाय चीन की परिचालन क्षमता का सार्वजनिक प्रदर्शन अधिक प्रतीत होता है।
क्षेत्रीय देशों में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना विस्तृत पूर्व सूचना के दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में इस तरह का मिसाइल परीक्षण क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। ऑस्ट्रेलियाई रणनीतिक विशेषज्ञों ने इसे प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य सक्रियता और शक्ति प्रदर्शन का संकेत बताया है।
चीन तेजी से बढ़ा रहा परमाणु क्षमता
रिपोर्ट के अनुसार, चीन पिछले कुछ वर्षों में अपने परमाणु शस्त्रागार का तेजी से विस्तार कर रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग का अनुमान है कि 2030 तक चीन के पास 1,000 से अधिक परमाणु हथियार हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया मिसाइल परीक्षण चीन की समुद्र-आधारित परमाणु क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
(एएनआई)
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