चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की ग्राउंड फोर्स

चीन की PLA ग्राउंड फोर्स में बड़े बदलाव, 2035 तक सैन्य आधुनिकीकरण पूरा करने का लक्ष्य

China Military Reforms Aim for 2035 Modernization

हांगकांग: चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की ग्राउंड फोर्स देश की सैन्य ताकत का पारंपरिक रूप से सबसे बड़ा और मजबूत हिस्सा रही है। हालांकि, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में सेना को आधुनिक बनाने के लिए पिछले एक दशक में बड़े संगठनात्मक बदलाव किए गए हैं। इनमें सैनिकों की संख्या में कटौती, सैन्य कमान का पुनर्गठन और साइबर, अंतरिक्ष तथा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं को मजबूत करना शामिल है। सितंबर 2015 में बीजिंग के तियानमेन स्क्वायर पर आयोजित सैन्य परेड के दौरान शी जिनपिंग ने सेना के पुनर्गठन की घोषणा की थी। इसके तहत 2015 से 2018 के बीच करीब 3 लाख सैनिकों और अधिकारियों की संख्या कम की गई। इसका उद्देश्य सेना को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाना था। अनुमान के मुताबिक, अब PLA के लगभग 20 लाख सक्रिय सदस्यों में से आधे से कुछ कम ग्राउंड फोर्स में हैं। इसके बावजूद चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नियंत्रण वाली PLA दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य सेनाओं में शामिल है। चीन ने सैन्य आधुनिकीकरण के लिए 2035 तक राष्ट्रीय रक्षा और सेना के आधुनिकीकरण को मूल रूप से पूरा करने तथा 2049 तक विश्वस्तरीय सैन्य शक्ति बनने का लक्ष्य रखा है।

7 सैन्य क्षेत्रों की जगह बनाए गए 5 थिएटर कमांड

2016 में PLA ने अपने कमान ढांचे में बड़ा बदलाव किया। पहले मौजूद सात सैन्य क्षेत्रों की जगह पांच थिएटर कमांड बनाए गए। इनका उद्देश्य विभिन्न सैन्य सेवाओं के बीच समन्वय बढ़ाना और संयुक्त सैन्य अभियानों की क्षमता को मजबूत करना था। इन पांच थिएटर कमांड के नाम ईस्टर्न, सदर्न, वेस्टर्न, नॉर्दर्न और सेंट्रल हैं। इनके जरिए चीन ने अलग-अलग क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों के संचालन और विभिन्न सैन्य इकाइयों के बीच तालमेल को बेहतर बनाने की कोशिश की। दिसंबर 2015 में PLA ने स्ट्रैटेजिक सपोर्ट फोर्स का गठन किया था। इसका उद्देश्य साइबर युद्ध, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और अंतरिक्ष से जुड़ी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करना था। हालांकि, अप्रैल 2024 में इस फोर्स को समाप्त कर दिया गया और उसकी जगह सूचना सहायता बल (Information Support Force) को स्थापित किया गया। यह बदलाव चीन की सैन्य संरचना को नई तकनीकी और परिचालन जरूरतों के अनुरूप ढालने की व्यापक कोशिश का हिस्सा था।

अमेरिकी विशेषज्ञ ने बताई PLA के सुधारों की स्थिति

बातचीत में अमेरिकी सेना के पूर्व रक्षा अधिकारी और PLA विशेषज्ञ डेनिस ब्लास्को ने चीन के सैन्य सुधारों पर अपनी राय रखी। ब्लास्को 1990 के दशक में बीजिंग और हांगकांग में अमेरिकी रक्षा अताशे रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि PLA लगभग एक दशक से केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) और पांच थिएटर कमांड के तहत संयुक्त मुख्यालयों के माध्यम से काम कर रही है। उनके अनुसार, ये मुख्यालय और संयुक्त अभियान केंद्र विभिन्न सैन्य सेवाओं के साथ मिलकर परिचालन तैयारी और नियमित सैन्य गतिविधियों को बनाए रखने में सक्षम रहे हैं। ब्लास्को ने ताइवान के आसपास, पूर्वी चीन सागर, दक्षिण चीन सागर, भारत के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC), अदन की खाड़ी और संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में PLA की गतिविधियों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि कई वरिष्ठ सैन्य पदों पर गंभीर रिक्तियों के बावजूद सेना की परिचालन गतिविधियां जारी रही हैं। उनके मुताबिक, इन रिक्तियों के पीछे शी जिनपिंग के व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत हुई गिरफ्तारियां भी एक कारण हैं।

नियमित सैन्य गतिविधियों से मिल रहा अनुभव

ब्लास्को ने स्पष्ट किया कि नियमित सैन्य गतिविधियों का संचालन करने के बावजूद PLA के संयुक्त मुख्यालयों ने अभी तक वास्तविक युद्ध अभियानों की योजना नहीं बनाई है और न ही उन्हें अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त मुख्यालयों ने सैन्य गतिविधियों की गति बनाए रखी है और विभिन्न अभियानों से अनुभव हासिल किया है। इनमें से कई अभियान अलग-अलग सैन्य सेवाओं के संयुक्त प्रयासों से संचालित होते हैं। विशेष रूप से पूर्वी चीन सागर में ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियां और दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस सहित क्षेत्रीय दावेदारों के साथ तनाव PLA की परिचालन गतिविधियों के अहम हिस्से हैं।

नौसेना की मरीन कॉर्प्स में भी हुआ विस्तार

ब्लास्को के मुताबिक, PLA ग्राउंड फोर्स का आकार कम होने का एक अन्य कारण यह है कि पिछले दशक में सेना की करीब सात ब्रिगेड को पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी मरीन कॉर्प्स (PLANMC) में स्थानांतरित किया गया। उनके अनुमान के अनुसार, PLANMC में अब कुल 11 ब्रिगेड हैं। इनमें आठ समुद्री ब्रिगेड, दो विशेष अभियान बल ब्रिगेड और एक विमानन ब्रिगेड शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कई बड़े उभयचर युद्धपोतों को नौसेना में शामिल किए जाने से PLANMC चीन की प्रमुख अभियानात्मक सैन्य ताकत के रूप में उभरी है। इनमें आठ टाइप 071, चार टाइप 075 और एक टाइप 076 श्रेणी का जहाज शामिल है। ब्लास्को के मुताबिक, जहां नौसेना की मरीन कॉर्प्स उभयचर अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, वहीं ग्राउंड फोर्स ताइवान से जुड़े जमीनी अभियानों और चीन की भूमि सीमाओं की सुरक्षा पर ध्यान देती है।

सीमा सुरक्षा में भी बड़ी संख्या में तैनात सैनिक

चीन की भूमि सीमाओं की सुरक्षा के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में स्थायी रूप से तैनात सीमा रक्षा इकाइयां भी काम करती हैं। ये इकाइयां ग्राउंड फोर्स की मोबाइल परिचालन इकाइयों और शिनजियांग तथा तिब्बत में तैनात डिवीजनों व ब्रिगेडों से अलग हैं। ब्लास्को के अनुमान के अनुसार, इन सीमा रक्षा इकाइयों में 1 लाख से अधिक कर्मी हो सकते हैं। इससे पता चलता है कि सीमा सुरक्षा बल PLA ग्राउंड फोर्स की कुल संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

गैर-लड़ाकू कर्मियों की संख्या से वास्तविक आकार का अनुमान मुश्किल

PLA ग्राउंड फोर्स के वास्तविक आकार का सटीक आकलन करना भी चुनौतीपूर्ण है। इसका एक कारण गैर-लड़ाकू भूमिकाओं में काम करने वाले सैन्य कर्मियों और कर्मचारियों की बड़ी संख्या है। इनमें प्रशासन, शिक्षा, चिकित्सा, राजनीतिक कार्य, रसद, उपकरणों के रखरखाव और खरीद जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले लोग शामिल हैं। ऐसे कर्मचारी विभिन्न स्तरों पर तैनात होते हैं और इनमें से सभी सीधे युद्ध अभियानों में हिस्सा नहीं लेते। ब्लास्को ने कहा कि इस श्रेणी के कर्मचारियों की आधिकारिक संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। उनके अनुमान के मुताबिक, इनकी संख्या हजारों से कहीं अधिक और संभवतः लाखों में हो सकती है। हालांकि, इन्हें आम तौर पर PLA के बताए जाने वाले 20 लाख सक्रिय सैन्य कर्मियों के आंकड़े में शामिल नहीं किया जाता। कुल मिलाकर, चीन की ग्राउंड फोर्स का आधुनिकीकरण केवल सैनिकों की संख्या घटाने तक सीमित नहीं है। कमान व्यवस्था में बदलाव, संयुक्त अभियानों पर जोर, तकनीकी क्षमताओं का विकास और सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारियों का पुनर्गठन PLA को दीर्घकालिक सैन्य लक्ष्यों के अनुरूप ढालने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।

(एएनआई)

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