पहलगाम हमले और भारत–पाक तनाव के दौरान चीन ने अपने

अमेरिकी रिपोर्ट का खुलासा: चीन ने राफेल के खिलाफ चलाया दुष्प्रचार अभियान

China Runs Disinformation Campaign on Rafale

जे-35 विमानों की बिक्री बढ़ाने की कोशिश

 पहलगाम में मई में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर और भारत–पाकिस्तान सैन्य झड़प के दौरान चीन ने अपने जे-35 लड़ाकू विमानों को बढ़ावा देने और राफेल की बिक्री रोकने के लिए भ्रामक जानकारी फैलाई थी।

फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल

इसके लिए चीन ने सोशल मीडिया पर नकली खातों का जाल बिछाया। एआई और वीडियो गेम की तस्वीरें शेयर कर यह दिखाने की कोशिश की गई कि चीन के हथियार फ्रांस के राफेल विमानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह खुलासा अमेरिकी सरकार की एक आधिकारिक रिपोर्ट में हुआ है।

अमेरिका-चीन समीक्षा आयोग की सालाना रिपोर्ट

अमेरिकी कांग्रेस ने हाल ही में अमेरिका-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग की 745 पन्नों की रिपोर्ट जारी की है। इसमें साइबर, अर्थव्यवस्था, सूचना युद्ध, महंगाई, कानून और अंतरिक्ष गतिविधियों पर चीन की रणनीतियों का विवरण है। राफेल पर भ्रामक अभियान का जिक्र रिपोर्ट के 97वें पन्ने में है।

भारत-पाक तनाव के दौरान चीन की सक्रिय भूमिका

रिपोर्ट में दावा है कि मई 2025 में भारत-पाक संघर्ष के दौरान चीन ने पाकिस्तान को हथियार और खुफिया जानकारी दी। भारतीय सेना का कहना है कि चीन ने पाकिस्तानी सेना को भारत की सैन्य गतिविधियों की लाइव जानकारी उपलब्ध कराई।

चीन और पाकिस्तान का इनकार

पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज किया है, जबकि चीन ने अपनी भूमिका की न पुष्टि की और न ही खंडन।

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