America : वॉशिंगटन। अमेरिका के दो तिहाई हिस्से पूर

अमेरिका में तबाही का बर्फीला तूफान, देश की दो तिहाई आबादी तूफान की चपेट में

अमेरिका में तबाही का बर्फीला तूफान, देश की दो तिहाई आबादी तूफान की चपेट में

America : वॉशिंगटन। अमेरिका के दो तिहाई हिस्से पूर्वी क्षेत्र में रविवार को आए बर्फीले तूफान ने देशभर में हालात बिगाड़ दिए हैं। लगभग 10 लाख घरों में बिजली गुल है। इसके अलावा 1० हजार फ्लाइटें निरस्त हैं। इस तूफान की वजह से भारी हिमपात हुआ है और जमा देने वाली बारिश हुई। इसके अलावा तापमान खतरनाक स्तर पर नीचे आ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 20 राज्यों और राजधानी वाशिंगटन डीसी में इमरजेंसी घोषित कर दिया है। नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक, तूफान लगभग 3,220 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है। करीब 21 करोड़ यानी दो-तिहाई अमेरिकी इस तूफान की चपेट में है। 'डेली मेल' के मुताबिक न्यूयॉर्क समेत देशभर में अब तक 13 लोगों के मौत की खबर है।

31 हजार से अधिक उड़ानें प्रभावित

फ्लाइट अवेयर के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार से अब तक 31,000 से अधिक उड़ानें बाधित हो चुकी हैं। 18,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। वहीं, रविवार को 10,800 से अधिक उड़ानें रद्द हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लाइट रद्द और देरी की समस्या कई दिनों तक बनी रह सकती है। एयरलाइंस ने सोमवार के लिए देशभर में 2,300 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं।

बिजली आने में लगेंगे हफ्तों

अमेरिका का टेनेसी सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। यहां रविवार दोपहर तक लगभग 3.37 लाख घरों और व्यवसायों में बिजली नहीं थी। लुइसियाना और मिसिसिपी में एक लाख से ज्यादा घरों में बिजली नहीं थी। केंटकी, जॉर्जिया, अलबामा और वेस्ट वर्जीनिया में भी लाखों घर बिजली के बिना है। बर्फ और बर्फीली बारिश से पेड़ और पावर लाइन टूट गए। टिप्पाह इलेक्ट्रिक पावर ने बताया कि नुकसान बड़ा है। वापस बिजली सप्लाई शुरू करने में कई सप्ताह लग सकते हैं। टेनेसी वैली अथॉरिटी ने कहा कि मुख्य पावर सिस्टम स्थिर है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में बिजली दिक्कत जारी है।

तापमान शून्य से 45°C तक नीचे पहुंचा 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 20 राज्यों में इमरजेंसी घोषित किया है। फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी ने कई राज्यों में जरूरी सामान, स्टाफ और सर्च एंड रेस्क्यू टीमों को तैनात किया है। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि राज्य को सालों में सबसे लंबी ठंड और सबसे ज्यादा बर्फबारी के लिए तैयार रहना होगा। कनाडा की सीमा के पास के इलाकों में पहले ही रिकॉर्ड 0°C से नीचे है। वॉटरटाउन में तापमान -37 डिग्री सेल्सियस और कोपेनहेगन में -45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। होचुल ने कहा कि हमारे राज्य पर आर्कटिक तूफान का असर हुआ है। यह बेहद कड़ा, हड्डियों को जकड़ने वाला है।

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