कराची के अब्बासी शहीद अस्पताल में वेतन, सुरक्षा और

पाकिस्तान में गहराया स्वास्थ्य संकट: वेतन न मिलने पर डॉक्टरों का उग्र प्रदर्शन, OPD सेवाएं बंद करने की चेतावनी

Doctors Protest Intensifies in Pakistan Over Salary Delay

कराची (पाकिस्तान): कराची के अब्बासी शहीद अस्पताल में कार्यरत हाउस ऑफिसर्स द्वारा वेतन का भुगतान न होने, अपर्याप्त सुरक्षा और अस्पताल की खराब सुविधाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज करने के बाद पाकिस्तान की तनावग्रस्त सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली आलोचनाओं का सामना कर रही है।

छठे दिन भी जारी रहा डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन

एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, विरोध प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि कराची मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन (केएमसी) उनकी मांगों को बिना किसी देरी के पूरा करने में विफल रहता है, तो वे ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) सेवाएं निलंबित कर देंगे। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, विरोध प्रदर्शन लगातार छठे दिन भी जारी रहा, जिसमें हाउस ऑफिसर तख्तियां और बैनर लिए अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगा रहे थे। चल रहे आंदोलन के बावजूद, डॉक्टरों ने कहा कि वे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवा से वंचित न होने देने के लिए चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना जारी रखे हुए हैं और अपनी मांगों को वैध तथा लंबे समय से लंबित बता रहे हैं।

तीन महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। उनका दावा है कि उन्हें मिलने वाला 45,000 पाकिस्तानी रुपये का मासिक भत्ता भी अब तक जारी नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब्बासी शहीद अस्पताल के हाउस ऑफिसर्स को पूरा भत्ता क्यों नहीं दिया जा रहा, जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों में समान कार्य करने वाले डॉक्टरों को नियमित भुगतान मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की।

अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

हाउस ऑफिसर्स ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि दुर्घटनाओं या मरीजों की मौत के बाद बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल परिसर में पहुंच जाते हैं, जिससे चिकित्सा कर्मचारियों पर दबाव बनता है और उपचार संबंधी निर्णयों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के मुताबिक, स्वास्थ्यकर्मियों के साथ उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।

दवाओं की कमी पर भी जताई चिंता

वित्तीय और सुरक्षा संबंधी समस्याओं के अलावा, प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में आवश्यक दवाओं की भारी कमी का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि बुनियादी दवाओं की कमी से मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है और डॉक्टरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि केएमसी ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे ओपीडी सेवाएं बंद कर अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।

(एएनआई)

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