दोहा वार्ता में ईरान की 6 अरब डॉलर की संपत्ति जारी करने और अमेरिका पर समझौता उल्लंघन के आरोपों पर चर्चा
तेहरान,(ईरान)। कतर की राजधानी में आयोजित प्रत्यक्ष राजनयिक वार्ताओं का मुख्य केंद्र ईरान की पहले से फ्रीज की गई 6 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति के एक हिस्से को जारी कराने का मुद्दा रहा। इसके साथ ही, तेहरान ने अमेरिका पर 14 सूत्री समझौता ज्ञापन (एमओयू) का उल्लंघन करने के गंभीर आरोप लगाए।
बुधवार को संपन्न हुई, त्रिपक्षीय बैठक
बुधवार को संपन्न हुई, त्रिपक्षीय बैठक में ईरान के वरिष्ठ वार्ताकारों के अलावा कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थ भी शामिल हुए। बैठक के बाद ईरान के कानूनी एवं अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने वार्ता के विभिन्न पहलुओं और उसके परिणामों की जानकारी दी। आईआरएनए के मुताबिक, ईरानी और कतरी अधिकारियों के बीच अलग से तकनीकी स्तर की बैठकें भी हुईं, जिनमें कतर के केंद्रीय बैंक के प्रतिनिधि शामिल थे। इन बैठकों का उद्देश्य ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति के उपयोग के लिए एक व्यावहारिक तंत्र तैयार करना था।
शुरुआत में 6 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि के एक हिस्से का होगा इस्तेमाल
ग़रीबाबादी ने बताया, कि कतर के अधिकारियों और केंद्रीय बैंक के प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चाओं में शुरुआती 6 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि के एक हिस्से के इस्तेमाल पर विचार किया गया। उन्होंने कहा, कि ईरान की घोषित आवश्यकताओं के अनुरूप इस धनराशि का उपयोग आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए किया जाएगा, जिन्हें बाद में ईरान भेजा जाएगा।
ईरान, कतर और पाकिस्तान के समूह की पहली बैठक भी आयोजित
शिखर बैठक के दौरान ईरान, कतर और पाकिस्तान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से बने विशेष निगरानी समूह की पहली बैठक भी आयोजित हुई। इस समूह को 14 सूत्री समझौता ज्ञापन के क्रियान्वयन की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका द्वारा समझौते के पालन को लेकर अपनी औपचारिक चिंताएं दर्ज कराईं।
अमेरिका की कथित शत्रुतापूर्ण बयानबाजी समझौते का उल्लंघन
ग़रीबाबादी ने विशेष रूप से क्षेत्रीय स्थिरता और अमेरिका की कथित शत्रुतापूर्ण बयानबाजी को समझौते के उल्लंघन के उदाहरण के रूप में उठाया। ईरानी पक्ष ने लेबनान में युद्धविराम से जुड़े समझौते के पहले खंड के संदर्भ में अमेरिका की कथित विफलताओं का भी उल्लेख किया। प्रतिनिधिमंडल ने उन रिपोर्टों पर चिंता जताई जिनमें क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों और भारी हथियारों की तैनाती बढ़ाने की बात कही गई है। साथ ही, अमेरिकी अधिकारियों के हस्तक्षेपकारी और धमकीपूर्ण बयानों की भी औपचारिक समीक्षा और आलोचना की गई।
ईरान नहीं करेगा समझौता ज्ञापन के चयनात्मक पालन को स्वीकार
ग़रीबाबादी ने स्पष्ट किया, कि ईरान समझौता ज्ञापन के चयनात्मक पालन को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा, कि एमओयू की सभी प्रतिबद्धताएं एक समग्र पैकेज का हिस्सा हैं और उन्हें अलग-अलग लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया, कि निगरानी समूह के लिए अगले दिन तक एक प्रत्यक्ष संचार तंत्र स्थापित करने पर सहमति बनी है, जिसके माध्यम से समझौते के क्रियान्वयन में आने वाली कमियों को लिखित रूप में दर्ज किया जाएगा, उन पर विचार-विमर्श होगा और आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। (एएनआई)
यह भी पढ़ेंः कीव पर रात भर मिसाइल और ड्रोन हमले