जापान में आए भूकंप के तेज झटके, प्रधानमंत्री सनाए

जापान में 6 से अधिक तीव्रता का भूकंप, नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह

Earthquake in Japan

टोक्यो, (जापान)। जापान के इवाते प्रांत के समुद्री तट के पास आज सुबह आए शक्तिशाली भूकंप के बाद प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार भूकंप का केंद्र समुद्र में था, जबकि आओमोरी प्रांत के हाशिकामी क्षेत्र में 6 से अधिक तीव्रता के झटके दर्ज किए गए।

प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक मदद पहुंचाने की अपील

प्रधानमंत्री ने संबंधित सरकारी विभागों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक निकासी, सुरक्षा उपायों और नुकसान से जुड़ी जानकारी तेजी से और सटीक तरीके से पहुंचाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है। सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में ताकाइची ने बताया कि सुबह करीब 7:30 बजे आए इस भूकंप का केंद्र इवाते के तट से दूर समुद्री क्षेत्र में स्थित था। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में झटके अधिक तीव्रता से महसूस किए गए हैं, वहां रहने वाले लोगों को संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।

सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त कर रही हैं और आपदा प्रतिक्रिया कार्यों की निगरानी कर रही हैं।

भूकंप का केंद्र उत्तरी प्रशांत महासागर में

इस बीच, भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.0 मापी गई। केंद्र द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक इसका केंद्र उत्तरी प्रशांत महासागर में 64 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राजधानी टोक्यो सहित कई क्षेत्रों में भी हल्के झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) का कहना है कि 6 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप के दौरान लोगों के लिए सामान्य रूप से चलना मुश्किल हो सकता है और असुरक्षित फर्नीचर या भारी वस्तुएं गिरने का खतरा बढ़ जाता है।

आपात स्थिति से निपटने के लिए कार्य बल का गठन

भूकंप के तुरंत बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने आपात स्थिति से निपटने के लिए एक विशेष कार्य बल का गठन किया। सरकार ने संकट प्रबंधन केंद्र में प्रतिक्रिया कक्ष सक्रिय करते हुए विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को राहत, बचाव, नुकसान के आकलन और जनसंपर्क कार्यों में लगाया है। सरकार का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। (एएनआई)

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