'G2' पर बोले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, भारत को दरकिनार करना खतरनाक कदम
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'G2' के बयान पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि ''यह भारत को दरकिनार करने जैसा खतरनाक कदम है।'' साथ ही कहा कि इंडो-पैसिफिक इलाके में दबदबा बनाने की चीन की महत्वाकांक्षा एक बड़ा मुद्दा है। इसीलिए भारत और अमेरिका के बीच करीबी रिश्ते बहुत ज़रूरी हैं। 'G2' कोई आधिकारिक संगठन नहीं है। न ही कोई संस्था है। यह एक विचार है जिसके मुताबिक दुनिया की दो प्रमुख शक्तियां अमेरिका और चीन वैश्विक मुद्दों पर मिलकर फैसला करें।
ट्रंप का ध्यान व्यापार पर अधिक- बोल्टन
बोल्टन ने कहा कि ''ट्रंप का ध्यान बहुत अधिक व्यापार पर रहता है। जब भी वे विदेशी नेताओं से बात करते हैं, तो किसी और मुद्दे पर बात करना मुश्किल हो जाता है। लेकिन, हम देख सकते हैं कि पूर्वी एशिया, ताइवान स्ट्रेट और दक्षिण चीन सागर में चीन का रवैया कैसा रहा है। हम भारत के साथ 'लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल' पर तनाव के बारे में जानते हैं। यह समस्या खत्म नहीं होने वाली। यह और बढ़ती जा रही है। या तो हम मिलकर इसका समाधान करें, या फिर हमें अलग-अलग इसका सामना करना पड़ेगा, जो कि सही नहीं है।
बोल्टन ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते को बताया 'गलती'
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर जॉन बोल्टन ने कहा कि ''उन्होंने इस पर दस्तखत किए। यह एक गलती थी। अब इसे सुधारा नहीं जा सकता। इस समझौते के केंद्र में होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा है। यह रास्ता एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। आप 'लॉ ऑफ़ द सी ट्रीटी' का हिस्सा हों या न हों, सभी कमर्शियल जहाजों को यहां से बिना किसी रोक-टोक के गुजरने का अधिकार है। इसका मतलब है कि कोई टोल नहीं, कोई पाबंदी नहीं। अगर ईरान इस व्यवहार से अलग हटता है तो मुझे लगता है कि ये समझौता खत्म हो जाएगा।
यूक्रेन युद्ध पर G7 के घोषणापत्र को सराहा
रूस-यूक्रेन युद्ध पर बोल्टन ने कहा कि ''यूक्रेन युद्ध पर G7 का घोषणापत्र बहुत अच्छा था। कई लोगों को आश्चर्य हुआ कि ट्रंप ने इस पर हस्ताक्षर किए, क्योंकि यह यूक्रेन के लिए समर्थन की बहुत मजबूत अभिव्यक्ति है। ट्रंप भले ही यूक्रेन को लेकर संशय में रहे हों। लेकिन, मुझे लगता है कि कांग्रेस और आम जनता में यूक्रेन के लिए भारी समर्थन है। वे रूस के बिना उकसावे वाले हमले के खिलाफ अपने क्षेत्र की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने यूक्रेन में कई सबक भी सीखे हैं, जो हम बाकी लोगों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। यूक्रेन का समर्थन करने से बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है, और मुझे लगता है कि और लोगों को मदद करनी चाहिए। मुझे निश्चित रूप से उम्मीद है कि इस संबंध में अमेरिका की भूमिका बढ़ेगी।"
क्वाड पर सहयोग पर किया जाना चाहिए विचार
क्वाड पर बोल्टन ने कहा कि सहयोग के लिए कई ऐसे संभावित क्षेत्र हैं, जिन पर विचार किया जाना चाहिए और यह सिर्फ़ कूटनीति से आगे की बात है। यह एक मौका है, मुझे उम्मीद है कि इंटेलिजेंस एक्सपर्ट्स और सेना के बीच कई स्तरों पर बैठकें हो सकेंगी, जो मददगार साबित होंगी। इस क्षेत्र में कुछ और देश भी हैं जिन्हें कम से कम कुछ गतिविधियों में शामिल होने के लिए बुलाया जा सकता है, जैसे दक्षिण कोरिया और सिंगापुर। हम जितने अधिक लचीले होंगे, चीन से पैदा होने वाले संभावित खतरों से निपटने के लिए उतने ही बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।"