पेरिस। फ्रांस ने एक असामान्य कदम उठाते हुए वहां के

फ्रांस ने अमेरिकी राजदूत को अधिकारियों से मिलने से रोका

फ्रांस ने अमेरिकी राजदूत को अधिकारियों से मिलने से रोका

पेरिस। फ्रांस ने एक असामान्य कदम उठाते हुए वहां के अमेरिकी राजदूत चार्ल कुशनेर को सरकारी सदस्यों से मिलने से रोक दिया है। सीएनएन की खबर के अनुसार, कुश्नेर एक दक्षिणपंथी एक्टिविस्ट की मौत के बाद एक महत्वपूर्ण राजनयिक समन पर बुलाए जाने पर आए नहीं थे। 

दरअसल, यह समन फ्रांस की सरकार ने उन्हें एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता 23 वर्षीय क्वेंटिन डेरैंक की हत्या पर ट्रंप प्रशासन द्वारा की गई कड़ी टिप्पणियों पर चर्चा करने के लिए तलब किया था। इसके बावजूद कुश्नेर पहुंच नहीं थे। इसपर फ्रांस ने नाराजगी व्यक्त करते हुए यह कदम उठाया है।  

कुश्नेर कथित वामपंथी विरोधियों के साथ टकराव में 12 फरवरी को सिर पर चोट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था जिससे बाद में मौत हो गई थी। आगामी चुनाव से पहले इस घटना को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया था। इस घटना के बाद अमेरिकी विदेश विभाग के आतंकवाद विरोधी ब्यूरो ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक बयान पोस्ट कर कहा था कि डेरेंक की हत्या वामपंथी उग्रवादियों ने की है, जो चिंता का विषय है।

अमेरिकी दूतावास ने भी इस बयान को सोशल मीडिया पर शेयर किया। फ्रांस को अमेरिका का इस तरह आंतरिक मामलों में दखल देना और टिप्पणी करना उचित नहीं लगा।

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/world/nuclear-arms-control-agreement-between-america-and-russia-ends/132101