G7 के नेता संगठित आपराधिक समूहों को खत्म करने का स

G7 नेताओं ने लिया संकल्प, तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ़ उठाएंगे कड़े कदम

G7 की बैठक में शामिल वैश्विक नेता

एवियन (फ्रांस): G7 के नेताओं ने बुधवार को तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ कड़े कदम उठाने का संकल्प लिया। ये नेता संगठित आपराधिक समूहों को खत्म करने के लिए दृढ़ हैं, जो अवैध प्रवास से मुनाफा कमाते हैं। 

एकजुट होकर काम करेंगे G7 के नेता 

घोषणापत्र में कहा गया है कि वे प्रवासियों की तस्करी और इससे जुड़ी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए अपने प्रयासों को तेज करेंगे। G7 के सहयोगी देशों, जैसे केन्या और दक्षिण कोरिया ने भी इस पहल का समर्थन किया है। ये कदम न केवल प्रवासियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इससे वैश्विक स्तर पर मानव तस्करी के खिलाफ एक मजबूत संदेश देता है। G7 के नेता एकजुट होकर इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं।

तस्करी और मानव तस्करी को गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराध 

वैश्विक नेताओं ने तस्करी और मानव तस्करी को गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराध बताया। ये अपराध न केवल देशों की सीमाओं को कमजोर करते हैं, बल्कि कमजोर लोगों को भी जानलेवा जोखिम में डालते हैं। कितने ऐसे लोग हैं जो बेहतर जीवन की तलाश में निकलते हैं, लेकिन रास्ते में ही दुर्व्यवहार और शोषण का शिकार हो जाते हैं। घोषणापत्र में संगठित अवैध प्रवास से निपटने की जरूरत पर जोर दिया गया है। साथ ही, प्रवासियों, शरणार्थियों और जबरन विस्थापित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात की गई है।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे आपराधिक संगठन 

नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे आपराधिक संगठन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये तस्करी की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक नया तरीका बन गया है। कनाडा की अध्यक्षता में सभी ने मिलकर वादा किया है कि वो ऐसे कंटेंट को पहचानेंगे, रोकेंगे और हटाएंगे, जो इन गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और अन्य हितधारकों के साथ सहयोग बढ़ाना, हम सबकी जिम्मेदारी है। ये सिर्फ एक मुद्दा नहीं है, बल्कि मानवता की सुरक्षा का सवाल है।

देश अपने नागरिकों की वापसी स्वीकार करें

अगर हम अपने नागरिकों को सुरक्षित और समृद्ध रहने का मौका दें, तो वो अपने घरों में ही खुश रहेंगे। साथ ही, यह ज़रूरी है कि देश अपने नागरिकों की वापसी को स्वीकार करें। जिनके पास दूसरे देशों में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है, उनकी सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। 

कई और मुद्दों पर भी हुई चर्चा

यह घोषणा G7 समिट में अपनाए गए एक बड़े एजेंडे का हिस्सा है, जिसमें नेताओं ने वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, भू-राजनीतिक संघर्षों, संगठित अपराध, ड्रग तस्करी, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की।