दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल पर उपयोगकर्ताओं के

लोकेशन डेटा के गलत इस्तेमाल पर गूगल पर यूरोपीय संघ में 46.3 करोड़ डॉलर का जुर्माना

Google Fined $463 Million in EU Over Location Data Misuse

डबलिन: दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल पर उपयोगकर्ताओं के लोकेशन डेटा को उचित तरीके से नहीं संभालने के कारण यूरोपीय संघ के सख्त निजता नियमों के उल्लंघन के लिए 40.3 करोड़ यूरो (46.3 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगाया गया है।

वेब और ऐप एक्टिविटी सेटिंग की जांच

आयरलैंड के डेटा संरक्षण आयोग ने सोमवार को कहा कि उसकी जांच में पाया गया कि गूगल ने अपनी ‘वेब एंड ऐप एक्टिविटी’ सेटिंग में उपयोगकर्ताओं के लोकेशन डेटा का कानून के अनुरूप और निष्पक्ष तरीके से प्रसंस्करण नहीं किया। इस सेटिंग के जरिये ब्राउजिंग और सर्च इतिहास को ट्रैक किया जाता है। जांच में ‘लोकेशन हिस्ट्री’ सेवा को भी शामिल किया गया, जो मोबाइल फोन के जरिये उपयोगकर्ता की मौजूदगी वाले स्थानों का रिकॉर्ड तैयार करती है।

एंड्रॉयड की ‘लोकेशन एक्यूरेसी’ सुविधा भी जांच के दायरे में

नियामकों ने यह भी पाया कि गूगल के मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड में ‘लोकेशन एक्यूरेसी’ सुविधा के तहत व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण में कंपनी ने कानूनी, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके का पालन नहीं किया। आयरलैंड 27 देशों वाले यूरोपीय संघ में गूगल का प्रमुख नियामक है क्योंकि अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी का यूरोपीय मुख्यालय डबलिन में ही स्थित है।

2018 से फरवरी 2020 तक की व्यवस्था की जांच

छह साल पहले शुरू हुई इस जांच में 2018 में यूरोपीय संघ के सामान्य डेटा संरक्षण विनियमन (जीडीपीआर) के लागू होने से फरवरी, 2020 तक गूगल की डेटा प्रसंस्करण व्यवस्था की जांच की गई। गूगल ने फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मामला उसकी पुरानी नीतियों से जुड़ा है, जिन्हें बाद में अद्यतन किया जा चुका है। कंपनी ने कहा, “वर्ष 2019 के बाद से हमने अपनी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं और ऐसे मजबूत उपकरण पेश किए हैं, जिनसे लोकेशन डेटा का प्रबंधन आसान हो गया है।”

नियामक ने लोकेशन डेटा को बताया संवेदनशील

यूरोपीय नियामक ने कहा कि लोकेशन डेटा व्यक्तिगत डेटा का एक प्रकार है और इसके जरिये किसी व्यक्ति के स्थान का अनुमान लगाया जा सकता है। आयरिश डेटा संरक्षण आयोग के उपायुक्त ग्राहम डॉयल ने कहा, “लोकेशन डेटा लोगों के लिए फायदेमंद होने के साथ नुकसानदेह भी है। यह ऑनलाइन सेवाओं की उपयोगिता बढ़ा सकता है, लेकिन इससे किसी व्यक्ति के बारे में काफी जानकारी भी सामने आ सकती है, जिसमें निजी जानकारी भी शामिल है।”

टिकटॉक और मेटा पर भी लग चुके हैं बड़े जुर्माने

यह आयरिश नियामक द्वारा यूरोपीय संघ के नियमों के तहत लगाया गया चौथा सबसे बड़ा निजता जुर्माना है। इससे पहले वह टिकटॉक और मेटा पर इससे बड़े जुर्माने लगा चुका है, जिसमें मेटा पर लगाया गया 1.2 अरब यूरो का जुर्माना भी शामिल है। नियामक ने कहा कि गूगल से जुड़ी निजता की तीन अन्य जांच अभी चल रही हैं।

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