अमेरिका का दावा: ईरान ने मांगी युद्धविराम की भीख, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' बड़ी जीत
वॉशिंगटन (अमेरिका)। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को दावा किया कि तेहरान ने युद्धविराम के लिए भीख मांगी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान वॉशिंगटन ने एक निर्णायक सैन्य जीत हासिल की है। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम पर सहमति बनने के बाद व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ने एक बड़े हवाई अभियान के जरिए ईरान की रणनीतिक संपत्तियों पर विनाशकारी हमला किया है।
ट्रंप की रणनीति से मिली जीत, ईरान हुआ कमजोर
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पल को मुमकिन बनाया है। ईरान ने इस युद्धविराम की गुहार लगाई है जिसे हम सभी जानते हैं। उन्होंने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को युद्ध के मैदान में एक ऐतिहासिक और भारी जीत बताते हुए दावा किया कि इसने ईरान की सेना को तहस-नहस कर दिया है और आने वाले कई सालों के लिए उसे युद्ध के अयोग्य बना दिया है।
सैकड़ों हमलों से तबाह हुआ ईरान का रक्षा ढांचा
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ने कुछ ही घंटों के भीतर सैकड़ों हमले किए। उन्होंने जानकारी दी कि मंगलवार की रात 800 हमले किए गए। इससे ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार को नष्ट कर दिया गया। वहां की फैक्ट्रियां पूरी तरह जमींदोज हो गई हैं। हेगसेथ ने यह भी दावा किया कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई घायल और विकृत हो गए हैं। हालांकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई अतिरिक्त सबूत पेश नहीं किया।
क्षेत्रीय ताकत का संतुलन बदला, अमेरिका ने दिखाई नरमी
उन्होंने कहा कि सैन्य बुनियादी ढांचे को हुए व्यापक नुकसान ने क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को काफी हद तक बदल दिया है। उनके अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप के पास मिनटों में ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था को अपाहिज करने की शक्ति थी, लेकिन उन्होंने दया का रास्ता चुना और उन लक्ष्यों को छोड़ दिया क्योंकि ईरान ने भारी दबाव में युद्धविराम स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि नए ईरानी शासन को समझ आ गया था कि उनके साथ जो होने वाला था उससे बेहतर एक समझौता है और इस शासन ने देख लिया कि उनके पूर्ववर्तियों का क्या हश्र हुआ।
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