Peshawar : पेशावर। पेशावर हाईकोर्ट ने तिराह घाटी म

तिराह घाटी में कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने स्पष्टीकरण मांगा

तिराह घाटी में कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने स्पष्टीकरण मांगा

Peshawar : पेशावर। पेशावर हाईकोर्ट ने तिराह घाटी में एक सैन्य कार्रवाई पर संघीय और खैबर पख्तूनुख्वा सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। प्रमुख अंग्रेजी दैनिक 'डॉन' ने यह खबर दी है। सरकारों ने शुक्रवार को इस बात से इनकार किया कि उन्होंने कार्रवाई की मंजूरी नहीं दी थी। खैबर पख्तूनुख्वा के महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सेना को कोई मंजूरी नहीं दी थी।

नेशनल डेमोक्रेटिक मुवमेंट के सदस्य बैरिस्टर सौद जावेद दायर याचिका कर न्यायमूर्ति विकर अहमद और  न्यायमूर्ति मोहम्मद फहीम वली की पीठ के समक्ष दोनों- संघीय और प्रांतीय सरकारों ने कार्रवाई की मंजूरी से इनकार किया। अदालत ने प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्रधिकरण को निर्देश दिया कि वह विस्थापित लोगों को राहत पहुंचाए। अदलत ने आईडीपी के प्रतिनिधि को 12 फरवरी को हाजिर होने को कहा। 

याचिकाकर्ता बैरिस्टर सौद ने दावा किया है कि कार्रवाई असंवैधानिक है क्योंकि प्रांतीय असेंबली से अनुच्छेद 232 के अंतर्गत मंजूरी नहीं ली गई थी। 'डान' की रिपोर्ट के अनुसार, बैरिस्टर सौद ने अदालत से कई तरह की राहत की मांग की थी, जैसे- तिराह में सैन्य अभियान असंवैधानिक, गैर कानूनी और बुनियादी अधिकारों का उल्लंघन करने वाला है।

उल्लेखनीय है कि संघीय सरकार के इस दावे के विपरीत कि तिराह घाटी में हो रहा पलायन ‘मौसमी’ है,  स्थानीय लोगों का दर्द कहना है कि वे खानाबदोश नहीं हैं बल्कि लड़ाई के डर से सुरक्षित इलाकों की ओर भाग रहे हैं। भीषण सर्दी में लोग बेघर हो गए हैं।

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