हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता जोशुआ वोंग को 10 साल की सजा, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने की कड़ी निंदा
वाशिंगटन (अमेरिका)। वाशिंगटन स्थित मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने हांगकांग के प्रमुख लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता जोशुआ वोंग को 10 साल की जेल की सजा सुनाए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि बीजिंग के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का इस्तेमाल राजनीतिक असहमति को कुचलने के लिए हथियार के रूप में किया जा रहा है।
महीनों पहले खत्म होने वाली थी सजा
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एमनेस्टी इंटरनेशनल की डिप्टी रीजनल डायरेक्टर सारा ब्रूक्स ने कहा कि यह सजा चीन के नियंत्रण वाले इस क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के व्यवस्थित उत्पीड़न का एक और ज्वलंत उदाहरण है। उन्होंने इस फैसले के समय पर भी सवाल उठाए और बताया कि वोंग की पिछली जेल की सजा पूरी होने में महज कुछ ही महीने बचे थे, जो जनवरी 2027 में समाप्त होने वाली थी। एमनेस्टी का कहना है कि वोंग की निरंतर कैद साबित करती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उद्देश्य सुरक्षा खतरे टालना नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों को अपराध घोषित करना है।
विदेशी ताकतों से साजिश का आरोप
गौरतलब है कि जोशुआ वोंग ने बीजिंग समर्थित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत की साजिश रचने का गुनाह स्वीकार कर लिया था। अभियोजन पक्ष का दावा था कि वोंग ने जुलाई से नवंबर 2020 के बीच निर्वासित कार्यकर्ता नाथन लॉ और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर हांगकांग और चीन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध तथा अन्य दंडात्मक उपाय लागू कराने का प्रयास किया था। यह नया कनविक्शन वोंग की उस सजा के बाद आया है जिसमें उन्हें 2024 में सरकार को अस्थिर करने की साजिश रचने के जुर्म में चार साल और आठ महीने की कैद भुगतनी पड़ी थी।
अनौपचारिक प्राइमरी चुनाव और मानवाधिकार संकट
वोंग उन 45 विपक्षी हस्तियों में शामिल हैं जिन्हें 2020 के अनौपचारिक प्राइमरी चुनावों में भागीदारी के सिलसिले में जेल में डाल दिया गया था। इस मामले की वैश्विक स्तर पर भारी आलोचना हुई थी। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने भी चिंता जताई थी कि जिन गतिविधियों के आधार पर इन लोगों पर मुकदमे चलाए गए, वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के दायरे में पूरी तरह सुरक्षित हैं। एमनेस्टी के अनुसार, 2020 में बीजिंग द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किए जाने के बाद से हांगकांग का मानवाधिकार परिदृश्य बद से बदतर हो गया है। इस कानून और औपनिवेशिक काल के राजद्रोह प्रावधानों के तहत 300 से अधिक लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि 2024 के अनुच्छेद 23 ने राजनीतिक स्वतंत्रताओं को और अधिक जकड़ दिया है।
अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की पुरजोर मांग
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एमनेस्टी इंटरनेशनल ने वैश्विक समुदाय से सख्त और निर्णायक हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने दुनिया भर की सरकारों से अपील की है कि वे वैध राजनीतिक और मानवाधिकार सक्रियता को आपराधिक करार देने की इस प्रवृत्ति के खिलाफ मुखर हों और अपने बुनियादी अधिकारों का उपयोग करने के लिए जेलों में बंद सभी राजनीतिक बंदियों की तुरंत रिहाई की पुरजोर मांग करें। (इनपुट: ANI)
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